मोदी सरकार के तीसरे आम बजट में गंगा को लेकर पहले जैसा उत्साह नजर नहीं देखने को मिला है। गंगा को नजरअंदाज कर सरकार अब सरस्वती नदी के खोज को प्रमाणिकता प्रदान करने में जुट गई है।
हरियाणा और राजस्थान के इलाकों में मिली नदी के जल की धारा सरस्वती की है इसे प्रमाणित करने के लिए केंद्रीय जलसंसाधन मंत्रालय ने विशेषज्ञों का एक विशेष कार्यदलह गठित किया है। जोकि सरस्वती की प्रमाणिकता को साबित करेगा।
केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा पुनर्रोद्धार मंत्री उमा भारती ने इस आशय की जानकारी देते हुए कहा है कि हरियाणा और राजस्थान सरकार के प्रयास से बीते वर्ष हुई खुदाई में नदी के होने का प्रमाण मिला है। रिमोट सेंसिंग के जरिए इसरों ने भी इस जानकारी को पुख्ता किया है कि उत्तराखंड के आदी ब्रदी से लेकर हरियाणा, राजस्थान और गुजरात के इलाके में नदी का श्रोत है। यह श्रोत सरस्वती नदी है कि कोई और नदी इसके लिए मंत्रालय ने विशेषज्ञों के नेतृत्व में एक विशेष कार्यबल बनाया है। जोकि तय करेगा कि नदी का यह श्रोत सरस्वती है या नहीं।