अरविंद केजरीवाल के आरोपों के एक दिन बाद काले धन के मामले में सरकार सक्रिय होती दिखी। सरकार ने फ्रांस की ओर से जून, 2011 में सौंपी गई विदेशी बैंकों के भारतीय खाताधारकों की सूची पर चल रही जांच में तेजी लाने के संकेत दिए हैं।
सरकार एचएसबीसी बैंक पर लगे आरोपों की जांच भी करा सकती है। आरोप लगाए गए थे कि यह मल्टीनेशनल बैंक मनी लांड्रिंग में लिप्त है और देश में सक्रिय आतंकी संगठन भी इससे फायदा उठा रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक गृह और वित्त मंत्रालयों की विभिन्न जांच एजेंसियां एचएसबीसी के खिलाफ जांच शुरू कर सकती हैं। हालांकि कहा जा रहा है कि जांच का केजरीवाल के आरोपों से कोई लेना देना नहीं है। एचएसबीसी ने शुक्रवार को केजरीवाल के आरोपों को नकार दिया था।
सूत्रों ने शनिवार को बताया कि जांच एजेंसियां उन आरोपों की जांच करेंगी, जिनमें कहा गया है कि इस बैंक के नेटवर्क के जरिए पाकिस्तान और खाड़ी के कुछ मुल्कों से जुटाया गया फंड भारत में सक्रिय आतंकी संगठनों तक पहुंचा।
इस बीच, गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने दोहराया कि सरकार के पास सूचना है कि आतंकी संगठन विभिन्न तरीकों से भारत और पड़ोसी मुल्कों के शेयर बाजार में पैसा लगा रहे हैं। हमें तमाम देशों से इस तरह की सूचनाएं मिल रही हैं। सूत्रों ने बताया कि कुछ लोगों की गिरफ्तारी के बाद उनसे पूछताछ में पता चला कि खाड़ी के देशों से वेस्टर्न यूनियन मनी ट्रांसफर के जरिए धन भेजा जाता है।
वहीं, शनिवार को वित्त मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि विदेशी बैंकों में कुछ भारतीयों के खातों की जानकारी फ्रांस सरकार से जून 2011 में मिली थी। सरकार इन मामलों में नियमानुसार कर वसूली और जुर्माना लगाने जैसे कदम उठाएगी।
इन खाताधारकों के बारे में और सूचनाएं जुटाई जा रही हैं। सरकार ने यह भी कहा है कि फ्रांस से जो भी जानकारी मिली वह गोपनीयता की शर्त के आधार पर है। जिसका इस्तेमाल केवल कर से जुड़े उद्देश्यों के लिए ही किया जा सकता है।
-सितंबर में सेबी ने कहा था कि वह मनी लांड्रिंग और आतंकवाद को वित्त पोषण के आरोपों को लेकर 35 शेयर दलालों की जांच कर रहा है।
क्या थे आरोप
केजरीवाल ने कई उद्योगपतियों, नेताओं और कंपनियों पर अपना काला धन विदेश में जमा करने के आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि एचएसबीसी बैंक मनी लांड्रिंग की गतिविधियों में लिप्त है। आतंकी इस बैंक के नेटवर्क का फायदा उठाकर अपना वित्त पोषण कर रहे हैं और भारत में अपने नापाक मंसूबों को अंजाम दे रहे हैं।