आईएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल के निलंबन में खनन माफिया का हाथ होने की आशंका सही साबित होती दिख रही है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की ओर से गठित समिति को गौतमबुद्ध नगर में अवैध बालू खनन होने के पुख्ता साक्ष्य मिले हैं।
गौतमबुद्ध नगर में एसडीएम पद पर तैनात रहीं दुर्गा शक्ति ने रेत माफिया पर शिकंजा कस दिया था। बाद में उन्हें सस्पेंड कर दिया गया।
उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि तीन सदस्यीय पैनल द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट में उन सुबूतों का जिक्र किया गया है, जिससे गौतमबुद्ध नगर में अवैध खनन की गतिविधियां पुख्ता हो रही हैं। इससे संबंधित अंतिम रिपोर्ट सोमवार को पर्यावरण मंत्री जयंती नटराजन को सौंपी जाएगी।
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पर्यावरण मंत्रालय में निदेशक सरोज की अध्यक्षता में गठित कमेटी से यूपी में हो रहे अवैध रेत खनन का पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव की जांच करने को कहा गया था।
इस पैनल में आईबीएम देहरादून ऑफिस में खदानों के डिप्टी कलेक्टर जीसी मीणा और लखनऊ स्थित पर्यावरण मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालय के निदेशक केके गर्ग सदस्य हैं। सूत्रों ने कहा कि टीम आगे की कार्रवाई के लिए भी सिफारिश करेगी।
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रेत माफिया के खिलाफ कार्रवाई करने की वजह से कथित तौर पर दुर्गा शक्ति को सस्पेंशन झेलना पड़ा था। मंत्रालय के मुताबिक पर्यावरण मंत्रालय से क्लीयरेंस मिले बिना कोई भी रेत खनन नहीं कर सकता।