गोरखपुर जिला प्रशासन ने अब स्वीकार किया है कि पंत पार्क में तैनात जीडीए के माली विश्वनाथ यादव ने शांति व्यवस्था भंग नहीं की थी।
जीडीए सचिव और माली के प्रार्थनापत्र का हवाला देते हुए सिटी मजिस्ट्रेट ने उनके खिलाफ चल रहे मुकदमे को 21 मई को ही खामोशी से निरस्त कर दिया था, लेकिन यह कार्रवाई सोमवार को तब आम-ओ-खास हुई जब जीडीए के कुछ कर्मचारी डीएम दफ्तर पर धरना देने पहुंचे थे।
सिटी मजिस्ट्रेट ने जब उन्हें मुकदमा निरस्त होने की जानकारी दी तो वे वापस लौट गए। यही नहीं अब इस मामले में कुछ लोगों के राजनीति करने के भी आरोप लग रहे हैं।
पंत पार्क के माली विश्वनाथ यादव का कहना है कि मेरा किसी से कोई गिला शिकवा नहीं है। वह अफसर हैं और मैं कर्मचारी। हो सकता है उनकी कोई बात मैं नहीं समझ पाया या फिर वे मेरी बात नहीं समझ पाईं और कुछ लोगों ने तिल का ताड़ बना दिया। अगर मेरे नाम पर कोई प्रदर्शन या किसी भी प्रकार का विरोध जताता हैं तो इसकी पूरी जिम्मेदारी उन्हीं की होगी। मेरा ऐसे लोगों से कोई नाता नहीं।