असम के गोलाघाट जिले में प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को हवाई फायरिंग और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। जबकि सेना ने इलाके में फ्लैग मार्च भी किया।
प्रदर्शनकारी अनिश्चितकालीन कर्फ्यू का उल्लंघन करते हुए एनएच-39 पर चक्का जाम करने की कोशिश कर रहे थे।
उधर, असम गण परिषद और विभिन्न संगठनों द्वारा असम में 12 घंटे के बंद के आह्वान की वजह से सामान्य जनजीवन बेहद प्रभावित रहा। सभी बाजार, संस्थान आदि बंद रहने से लोगों ने अपने घरों में रहना ही बेहतर समझा।
असम में बंद से जनजीवन प्रभावित
गोलाघाट में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के वाहनों पर पत्थर फेंके। इसमें एक पुलिसकर्मी घायल हो गया और एक वाहन क्षतिग्रस्त हो गया।
जबकि प्रदर्शनकारियों ने बुधवार देर रात नुमालीगढ़ में पुलिस की ओर से की गई कथित गोलीबारी के खिलाफ नारे लगाए। हालांकि इस घटना की कोई आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
इसके अलावा सेना ने लाल झंडे लगे ट्रकों पर गोलाघाट से रंगाजन, बोकाखट और नुमालीगढ़ तक फ्लैग मार्च किया। जिला प्रशासन ने हिंसाग्रस्त क्षेत्रों में लोगों से घरों के अंदर ही रहने की अपील की है।
याद रहे कि बुधवार को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस फायरिंग में तीन लोगों की मौत हो गई थी जबकि 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। इसके बाद से ही इलाके में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया गया था।
सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी
उधर, असम में विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता, छात्र, चाय के बागान में काम करने वाले आदिवासी समेत स्थानीय लोगों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया।
इस दौरान सभी दुकानें, बिजनेस हाउस, स्कूल, कॉलेज व अन्य शैक्षिक संस्थान बंद रहे। यहां तक कि सरकारी कार्यालयों में भी उपस्थिति काफी कम रही।
बस एसोसिएशन के भी विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की वजह से सड़कें भी सूनी पड़ी रहीं। हालांकि राज्य सरकार परिवहन निगम की बसों ने स्थिति को संभालने की कोशिश की।
दोनों राज्य मिलकर निकालेंगे समाधान
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बृहस्पतिवार को असम और नगालैंड के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर दोनों राज्यों के बीच उपजे विवाद का संयुक्त रूप से हल ढूंढने का फैसला किया।
बैठक के बाद असम के सीएम तरुण गोगोई और नगालैंड के मुख्यमंत्री टीआर जेलियांग के साथ रिजिजू के साथ संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस की।
रिजिजू ने कहा कि सीनियर लेवल पर समस्या के समाधान के लिए संयुक्त हल ढूंढा जाएगा।
'आधारभूत सुविधाओं की कमी मुख्य समस्या'
असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई का मानना है कि आधारभूत सुविधाओं की कमी ही मूल समस्या है।
पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्यमंत्री सम्मेलन में उन्होंने कहा कि असम और नगालैंड के बीच सीमा विवाद की समस्या इसलिए पैदा हुई है क्योंकि हम इसे पहले सुलझा नहीं पाए। इन चीजों को प्राथमिकता के आधार पर सही करना चाहिए।
गोगोई ने कहा कि मुख्य समस्या राज्यों की सीमओं पर सड़क, स्कूल और स्वास्थ्य सुविधाएं जैसी आधारभूत सुविधाएं नहीं हैं। इसलिए केंद्र सरकार को विकास के लिए विशेष पैकेज की घोषणा करनी चाहिए।