लोकसभा के चुनावी महासंग्राम का सबसे बड़ा मुकाबला 17 अप्रैल को 12 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में होने जा रहा है। इस पांचवें चरण में 121 सीटों पर बृहस्पतिवार को वोट डाले जाएंगे। इन सभी सीटों पर मंगलवार शाम पांच बजे चुनाव प्रचार बंद हो गया।
प्रचार के अंतिम दिन प्रत्याशियों एवं प्रमुख दलों ने मतदाताओं को रिझाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी। पांचवें चरण में 19.71 करोड़ से भी अधिक मतदाता प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे।
शत्रुघ्न सिन्हा से लेकर मीसा तक आजमाएंगे किस्मत
आम चुनाव के चार चरणों में 109 लोकसभा सीटों पर मतदान हो चुका है। अब पांचवें चरण में देश के कई दिग्गज राजनेताओं के भाग्य का फैसला होने जा रहा है।
17 अप्रैल को उत्तर प्रदेश में 11 सीटों पर मतदान होना है। इनमें पीलीभीत से मेनका गांधी व रामपुर से बेगम नूरबानो के भाग्य का भी फैसला होगा।
बिहार में छह सीटों पर मतदान होगा यहां पटना साहिब से शत्रुघ्न सिन्हा तथा पाटलिपुत्र से लालू यादव की बेटी मीसा, आरा से पूर्व गृह सचिव आरके सिंह और बक्सर से अश्विनी चौबे जैसे प्रमुख नेता मैदान में हैं।
सिंधिया-तोमर की तय होगी किस्मत
पांचवें चरण में मध्यप्रदेश की कुल दस सीटों पर मतदान होने जा रहा है। यहां मुरैना सीट से अटल बिहारी वाजपेयी के भांजे अनूप मिश्रा, गुना-शिवपुरी से ज्योतिरादित्य सिंधिया जबकि ग्वालियर से प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर जैसे प्रमुख नेताओं के भाग्य का फैसला होना है।
झारखंड की छह सीटों पर भी इसी दिन मतदान होगा। यहां हजारीबाग सीट से पूर्व वित्तमंत्री यशवंत सिन्हा के बेटे जयंत सिन्हा पहली बार भाग्य आजमा रहे हैं।
गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे की होगी असल परीक्षा
महाराष्ट्र में पांचवें चरण में 19 सीटों पर कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। इनमें नांदेड़ से अशोक चव्हाण, बारामती से सुप्रिया सुले, बीड से गोपीनाथ मुंडे, शोलापुर से गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे शामिल हैं।
राजस्थान में कुल बीस सीटों पर मतदान होगा। यहां भाजपा के बागी हो चुके नेता जसवंत सिंह (बाड़मेर), जयपुर ग्रामीण से केंद्रीय मंत्री सीपी जोशी, उदयपुर से चंद्रेश कुमारी तथा झालावाड़ सीट से मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के पुत्र दुष्यंत सिंह के भाग्य का फैसला भी पांचवें चरण में हो जाएगा।
खिलाड़ी से लेकर कॉरपोरेट जगत तक का होगा जोर
कर्नाटक की सभी 28 सीटों पर इसी चरण में मतदान होने जा रहा है। यहां येदियुरप्पा, देवगौड़ा, वीरप्पा मोइली, डी. कुमार स्वामी, सदानंद गौड़ा व अनंत कुमार जैसे दिग्गज नेताओं के साथ ही प्रोफेशनल दुनिया में धाक जमाने के बाद राजनीति में उतरे नंदन नीलेकणि, जी बालाकृष्णन जैसों के भी भाग्य का फैसला 17 अप्रैल को हो जाएगा।
पश्चिम बंगाल की भी चार सीटों पर इस चरण में चुनाव होंगे। यहां दार्जिलिंग सीट पर तृणमूल कांग्रेस से बाइचिंग भूटिया तथा भाजपा के एसएस अहलूवालिया आमने सामने हैं।