फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पिछले साल के मुकाबले दोगुनी हुई किसानों की मौतें

विज्ञापन
विज्ञापन
देश में कृषि और किसानों से संबंधित हिंसक घटनाओं में पिछले साल के मुकाबले दोगुने की बढोत्तरी हुई है। किसानों की आत्महत्या के अलावा रोजमर्रा के काम काज के चलते उनके हिंसक हो जाने के बढ़ते आंकड़ों से केंद्र चिंतित है।
विज्ञापन


गृहमंत्रालय ने सभी राज्यों से आए आंकड़ों पर एक रिपोर्ट तैयार की है। रिपोर्ट के मुताबिक न्यूनतम समर्थन मूल्य, भूमि अधिग्रहण, इससे संबंधित उचित मुआवजा, खादों व रसायनों के वितरण हिंसा के मुख्य कारण हैं।
विज्ञापन

गृहमंत्रालय के आंकड़े के मुताबिक दोगुने का इजाफा

रिपोर्ट के मुताबिक 2014 के जून महीने तक 37 हिंसक घटनाएं हुई जिनमें 82 किसान घायल हुए जबकि एक की मौत हुई। जबकि इस साल जून तक के आंकड़ों के मुताबिक हिंसक घटनाओं की संख्या 74 हो गई है। इनमें 9 किसान घायल हुए जबकि एक की मौत हुई है।

आंकड़ों के मुताबिक पिछले एक साल में महाराष्ट्र में 17, हरियाणा में 12, पश्चिम बंगाल में 7, उत्तर प्रदेश में 5, पंजाब में 6, मध्य प्रदेश में 5, गुजरात में 5 और बिहार में 8 किसानों से संबंधित हिंसक घटनाएं हुईं हैं। पिछले साल के आंकड़ों में घायल होने वालों में किसानों के साथ 36 पुलिसकर्मी भी हैं।

गौरतलब है कि किसानों की आत्महत्या राज्यों और केंद्र सरकार के लिए पहले ही चिंता का विषय बना हुआ है। गृहमंत्रालय सूत्रों ने बताया कि किसानों का हिंसक होना और पुलिस व सरकारी तंत्र से भिड़ंत आंतरिक सुरक्षा के मद्देनजर अच्छे संकेत नहीं हैं।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें