देश में कृषि और किसानों से संबंधित हिंसक घटनाओं में पिछले साल के मुकाबले दोगुने की बढोत्तरी हुई है। किसानों की आत्महत्या के अलावा रोजमर्रा के काम काज के चलते उनके हिंसक हो जाने के बढ़ते आंकड़ों से केंद्र चिंतित है।
गृहमंत्रालय ने सभी राज्यों से आए आंकड़ों पर एक रिपोर्ट तैयार की है। रिपोर्ट के मुताबिक न्यूनतम समर्थन मूल्य, भूमि अधिग्रहण, इससे संबंधित उचित मुआवजा, खादों व रसायनों के वितरण हिंसा के मुख्य कारण हैं।