भारत के उलमा और मुफ्तियों ने पहली बार फतवा जारी करते हुए आईएस के खिलाफ तीखी आवाज बुलंद की है। इस फतवे पर शाही इमाम बुखारी, अजमेर शरीफ सहित 1070 मजहबी संस्थाओं ने अपने दस्तखत किए हैं। फतवे की प्रति संयुक्त राष्ट्र समेत दुनिया के कई देशों को भेजी गई है जिसमें आईएस को गैर-इस्लामी व अमानवीय बताया गया है।
दुनिया में भारत के मुसलमानों ने पहली बार खुले रूप से आईएस के खिलाफ आवाज उठाई है। देश के 1000 से अधिक उलमा व मुफ्तियों ने फतवे पर दस्तखत करते हुए आतंकी संगठन आईएस को ‘गैर-इस्लामिक’ और ‘अमानवीय’ करार दिया है।
प्रधानमंत्री मोदी और संयुक्त राष्ट्र समेत फतवे की प्रति दुनिया के 50 मुल्कों को भेजी गई है, जिसमें इराक व सीरिया में आईएस द्वारा महिलाओं व पुरुषों की भर्ती को निंदनीय बताया।