महाकुंभ में धर्म संसद शुरु हो चुकी है। बैठक में भाजपा, संघ परिवार और विश्व हिंदू परिषद के नेताओं और कार्यकर्ताओं समेत कई पंथों के साधु-संत शामिल हो रहे हैं। संभावना है कि धर्म संसद में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को आगामी लोकसभा चुनावों में प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाए जाने पर चर्चा हो सकती है।
हालांकि विहिप कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने कहा है कि धर्म संसद में हिंदू समाज के कई राजनीतिक-सामाजिक मसलों पर चर्चा होगी लेकिन किसी एक व्यक्ति के बारे में चर्चा नहीं की जाएगी। वहीं, संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि धर्म संसद के एजेंडे में कई विषयों को शामिल किया गया है। इसमें राम मंदिर समेत कई मुद्दों पर चर्चा होगी।
इससे पहले बुधवार को विश्व हिन्दू परिषद की सर्वोच्च संस्था केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विहिप के दिग्गजों ने नरेंद्र मोदी की तुलना पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू से की। मोदी को हर वर्ग का प्रिय नेता बताया और उन्हें देश के भावी प्रधानमंत्री के रूप में सामने लाने पर भी जोर दिया। बैठक में मोदी के साथ राम जन्म भूमि पर मंदिर निर्माण का मुद्दा भी छाया रहा।
बैठक में विहिप संरक्षक अशोक सिंघल ने कहा कि देश के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की मांग आज उसी तरह है जिस तरह एक वक्त में जवाहर लाल नेहरू की थी। सभी धर्मों के लोग मोदी को नेहरू की तरह ही चाहते हैं। आम जनता के साथ साधु संत भी चाहते हैं कि मोदी देश के प्रधानमंत्री बने। संतों को इस पर अहम निर्णय लेना होगा। सिंघल ने कहा कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनना चाहिए, इसके लिए बड़ा जन अभियान खड़ा करना होगा।
मोदी के होर्डिंग से पटा महाकुंभ
भाजपा में भावी प्रधानमंत्री पद को लेकर मची गहमागहमी के बीच गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 12 फरवरी को महाकुंभ में जा रहे हैं। मोदी के आने की आधिकारिक जानकारी के बाद पूरा महाकुंभ क्षेत्र उनके होर्डिंग से पट गया है। भाजपा सूत्रों ने कहा कि मोदी आस्था के महाकुंभ में आकर संगम में डुबकी लगायेंगे। वह प्रमुख साधु-संतों के शिविरों में जाकर मुलाकात करेंगे और इसके बाद अहमदाबाद लौट जाएंगे।