एक ओर देश में जहां असहनशीलता के माहौल पर बहस छिड़ी हुई है, वहीं संघ की पुस्तक राष्ट्र धर्म में छपे एक लेख ने राजनीतिक हलकों में नई बहस को जन्म दे दिया है।
इस लेख में कहा गया है कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय हिंदू- मुस्लिम एकता के खिलाफ थे। साथ ही एकता का मुद्दा सिर्फ देश के मुसलमानों को खुश करने के लिए उठाया जा रहा है।
लेख 'मुस्लिम समस्याःदीनदयाल जी की दृष्टि में' को राष्ट्र धर्म के स्पेशल एडिशन में जगह दी गयी है। इसे डाक्टर महेश चंद्र शर्मा ने लिखा है।
इसमें पंडित जी के जीवन से जुड़े लेख और वाक्यों का स्थान दिया गया है। इसका विमोचन केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र ने लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में किया।