भ्रष्टाचार की जड़ें बाबा विश्वनाथ की रसोई तक पहुंच गई हैं। बाबा के भंडारगृह में तैयार किए जाने वाले भोग-प्रसाद में गड़बड़ी की जा रही है। खीर के नाम पर आने वाले दूध में पानी मिलाया जा रहा है। भोग के लिए जो चावल आता है वह पकाया नहीं जाता। उसकी जगह रद्दी चावल बनाकर बाबा को भोग अर्पित किया जा रहा है। इसकी शिकायत मिलने पर मंदिर प्रशासन की जांच में इसकी पुष्टि होने के बाद कर्मचारी सकते में आ गए हैं।
भंडारियों को चेताया गया है कि अगर भोग की क्वालिटी खराब पाई गई तो बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी। बाबा के भोग में घटिया चावल पकाए जाने और खीर के दूध में पानी मिलाए जाने का मामला भंडारियों और कुछ कर्मचारियों के गले की फांस बन सकता है।
हाल में ही न्यास परिषद के अध्यक्ष आचार्य पं. अशोक द्विवेदी ने भंडारगृह के निरीक्षण के दौरान यह गड़बड़ी पकड़ी थी। अध्यक्ष ने बताया कि पूछताछ में कुछ कर्मचारियों ने उन्हें जानकारी दी कि बाबा के दोपहर भोग के लिए सुगंधित और बढ़िया किस्म का चावल मंगाया जाता है लेकिन उस चावल को कुछ लोग घर ले जाते हैं।