कानपुर के दर्शनपुरवा इलाके में शुक्रवार देर रात मुहर्रम जुलूस के दौरान दूसरे धर्म के बैनर फाड़ने से उठे विवाद ने शनिवार को उग्र रूप ले लिया। सुबह से ही इलाकाई जनता और हिन्दू संगठनों के लोग सड़क पर उतर आए और नारेबाजी कर कालपी रोड पर जाम लगा दिया।
नारेबाजी के बीच डिप्टी पड़ाव चौराहे से फजलगंज चौराहे तक बवाल शुरू हो गया। बाजार बंद हो गए। भीड़ मुहर्रम जुलूस न निकलने देने पर अड़ गई और मौके पर पहुंची पुलिस पर पथराव कर दिया। आईजी और एसपी पहुंचे तो उनसे भी धक्का-मुक्की कर दी गई। इस पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया तो भीड़ ने फिर पथराव किया। निजी वाहनों पर भी ईंट-पत्थर चलाए गए। राहगीरों को भी पीटा।
डीएम, एसएसपी, पहुंचे तो उन पर भी पथराव किया। हर गली से भीड़ निकल-निकल कर कालपी रोड पर आने लगी और पथराव करती रही। हालात बेकाबू होने पर पुलिस ने लाठीचार्ज, रबर बुलेट और आंसू गैस के गोले चलाए लेकिन हालात काबू में नहीं आए। उधर जरीब चौकी क्रासिंग, डिप्टी पड़ाव और भन्नाना पुरवा चौराहे पर दूसरे समुदाय के लोग भी सड़कों पर उतर आए और जवाबी पथराव और फायरिंग हुई।
बादशाहीनाका इंस्पेक्टर द्रविड़ कुमार और पुलिस लाइन के आरआई को गोली लगी है। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बवाल भन्नाना पुरवा से होकर चमनगंज तक पहुंच गया और चंद्रिका देवी चौराहे पर भी दोनों समुदाय आमने-सामने आ गए और पथराव हो गया। आगजनी भी की गई। देर शाम तक पुलिस, पीएसी, सीआईएसएफ, स्वाट टीम उपद्रवियों से मोर्चा ले रही थी लेकिन भीड़ की ओर से फायरिंग जारी थी।
भीड़ गलियों से निकल-निकल कर पथराव कर रही थी। पथराव और भगदड़ में डीएम, एसएसपी और एसपी समेत कई लोगों को चोट आई हैं। रात तक बवाल थम नहीं सका। हालात न संभलते देख चार कंपनी पीएसी, एक कंपनी आरएएफ, एक कंपनी बीएसएफ, सीआईएसएफ, 10 जिलों से सीओ, एसओ के अलावा उन्नाव-हरदोई से भी फोर्स बुलाई गई है।
शनिवार देर शाम से शहर में दंगा नियंत्रण स्कीम और धारा 144 लागू हो गई। एसएसपी ने बताया कि दर्शनपुरवा, भन्नापुरवा, चमनगंज समेत सभी प्रभावित इलाकों में पुलिस, पीएसी और पैरामिलेट्री फोर्स ने कड़ा सुरक्षा घेरा बना लिया है। ऊंची इमारतों पर दूरबीन से लैस पुलिसकर्मियों को तैनात किया जा रहा है। बैरीकेडिंग की जा रही है। सभी पुलिसकर्मियों को बॉडी प्रोटेक्टर, हेलमेट, डंडा और शस्त्र के साथ ड्यूटी पर रहने के निर्देश दिए हैं। सोशल मीडिया से अफवाह फैलाने के मामले में कई लोगों के नंबर सर्विलांस पर लिए गए हैं।