सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को यह साफ कर दिया है कि वह जजों की नियुक्त करने वाली कोलेजियम सिस्टम में पूरी तरह बदलाव नहीं करने जा रहा है। हालांकि शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार समेत अन्य पक्षों को सुझाव देने के लिए जरूर कहा है।
न्यायमूर्ति जेएस खेहड़ की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संवैधानिक पीठ ने स्पष्ट किया कि वह वर्ष 1990 के दशक में नौ जजों की पीठ केदो आदेशों द्वारा कोलेजियम सिस्टम के लिए निर्धारित मूल संरचना में किसी तरह का परिवर्तन नहीं करने जा रही है।
पीठ ने साफ किया कि वह कोलेजियम सिस्टम को लेकर चार बिन्दुओं पर ही विचार करेगी। ये चार बिन्दु पारदर्शिता, जजों की नियुक्ति के लिए पात्रता, कोलेजियम के लिए सचिवालय का गठन और जज बनने की सूची में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ शिकायत का समाधान हैं। साथ ही पीठ ने सरकार और याचिकाकर्ताओं से कोलेजियम में सुधार के लिए सुझाव मांगा है।
पीठ ने कहा केंद्र व राज्य सरकार, जिन्होंने राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग(एनजेएसी) का समर्थन किया था, उनके सुझावों का एक सेट तैयार किया जाए वहीं सुझावों का दूसरा सेट उन याचिकाकर्ताओं व अन्य लोगों होगा जिन्होंने एनजेएसी की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी थी।