राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (एनजेएसी) को असंवैधानिक करार देने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले की आलोचना करने के बावजूद केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि सरकार शीर्ष अदालत के अपारदर्शी कोलेजियम सिस्टम को बहाल करने के आदेश को लागू करेगी, लेकिन जजों की नियुक्ति के लिए बेहतर सिस्टम की जरूरत पर बहस जारी रहेगी।
जेटली ने कहा कि सरकार एनजेएसी के खत्म होने के बाद की दिशा में बढ़ रही है। सुप्रीम कोर्ट ने सही या गलत जो भी फैसला दिया है उस फैसले को लागू करना होगा, तभी व्यवस्था बनी रहेगी। लेकिन, एक बेहतर सिस्टम के लिए चर्चा हमेशा जारी रहेगी। पूर्व कानून मंत्री और जानेमाने वकील जेटली ने एक टीवी चैनल पर एनजेएसी के मसले पर पूर्व प्रधान न्यायाधीश आरएम लोढ़ा के साथ चर्चा में यह बात कही।
पूर्व अटॉर्नी जनरल सोली सोराबजी ने भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ बहस में जेटली का समर्थन किया। हालांकि, वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने लोढ़ा का साथ दिया। जस्टिस लोढ़ा ने स्वीकार किया कि कोलेजियम सिस्टम अपारदर्शी है और उसे पारदर्शी बनाने के लिए सुधार की जरूरत है।