ईसा मसीह की कर्मभूमि में क्रिसमस की धूम देखने लायक है। यरुशलम यहूदी, इस्लाम और ईसाई तीनों धर्मों की पवित्र नगरी है। महज दो प्रतिशत ईसाई आबादी वाले इस शहर में इस बार क्रिसमस पर युवाओं में दोगुना उत्साह है। यहां के नगर निगम ने इस बार ईसाइयों को नि:शुल्क क्रिसमस ट्री का तोहफा दिया है।
बाजार सज गए हैं, जहां उपहारों को खास अंदाज में दिया जाता है। दुकानों पर काम करने वाली महिलाओं ने भी खास तरह की टोपी पहन रखी है।
पर्यटकों को लुभाने के लिए क्रिसमस उत्सव में अब कुछ यहूदी युवा भी शिरकत करने लगे हैं। तेल अवीव के पुराने जाफा शहर में क्रिसमस के मौके पर सेंट पीटर चर्च दो दिन पहले ही रोशनी से नहा उठा है।
यह दुनिया का सबसे पुराना बंदरगाह है और यरुशलम के सबसे पुराने सुलेमान मंदिर के लिए इसी बंदरगाह के रास्ते लेबनान से लकड़ियां लाई गई थीं।
सुलेमान या सोलोमन टेंपल को बाइबिल में सबसे पुराना मंदिर बताया गया है। ईसा से लगभग 9 सदी पहले बनाए गए इस मंदिर का फिर से जीर्णोद्धार हुआ है। क्रिसमस के मौके पर इसकी शान आसमान छूती महसूस की जा सकती है।