नोबेल पुरस्कार से सम्मानित अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन से भारत रत्न वापस लेने संबंधी अपनी टिप्पणी से उठे विवाद के बाद भाजपा सांसद चंदन मित्रा ने अपनी बात पर खेद प्रकट करते हुए कहा कि वह कुछ ज्यादा ही कह गए थे।
लेकिन उन्होंने सेन को राजनीति में न पड़ने की सलाह भी दी है। उन्होंने कहा कि सेन के विचार पुराने पड़ चुके हैं, जिसे खारिज किए जाने की जरूरत है।
'सत्ता में लौटे, तो अमर्त्य सेन से वापस लेंगे भारत रत्न'
मित्रा ने कहा लगता है कि मैं शायद कुछ ज्यादा बोल गया। सेन से भारत रत्न वापस लेने वाली बात पर मैं खेद जताता हूं।
भाजपा पहले ही मित्रा के बयान से अपने को अलग कर चुकी है। पार्टी के रुख के बारे में उन्होंने कहा कि इस मामले में किया गया उनका ट्वीट उनके व्यक्गित विचार हैं, पार्टी के नहीं।
वाजपेयी कहें तो लौटा दूंगा भारत रत्न: अमर्त्य सेन
हालांकि, अमर्त्य सेन की अर्थशास्त्र संबंधी धारणाओं की आलोचना करते हुए मित्रा ने कहा कि उनके विचार पुराने पड़ चुके हैं। भाजपा नेता ने उन्हें राजनीति में नहीं पड़ने की सलाह देते हुए कहा कि अमर्त्य सेन को भारत रत्न की तरह आचरण करना चाहिए।
गौरतलब है कि डॉ सेन ने कहा था कि गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को देश का प्रधानमंत्री नहीं होना चाहिए। उनकी इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया स्वरुप मित्रा ने उनकी आलोचना करते हुए उनसे भारत रत्न वापस लेने की बात कही थी।
दिलचस्प बात यह है कि सेन को भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए शासन के दौरान ही भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। वहीं, कांग्रेस ने भाजपा नेता के बयान की निंदा करते हुए इसे फासीवादी करार दिया है।