नक्सली हमले के मद्देनजर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह से फोन पर बात की है।
प्रधानमंत्री ने राज्य सरकार को इस मामले में पूरी मदद का भरोसा दिया है। साथ ही प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री से राज्य सरकार को और सुरक्षा बल भेजने के बारे में पूछा है।
सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मोतीलाल वोरा ने इस मामले में प्रधानमंत्री के साथ बैठक कर हालात की समीक्षा की। सोनिया गांधी ने इस घटना की निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला बताया है।
दूसरी तरफ प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अजित जोगी ने प्रदेश की छत्तीसगढ़ सरकार को बर्खास्त करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि सरकार केवल हाईवे पर चलती है। घटनास्थल पर पर्याप्त सुरक्षा का इंतजाम राज्य सरकार ने नहीं किया था।
वहीं कांग्रेस नेता बीके हरिप्रसाद ने कहा कि बस्तर में सरकार जैसी चीज का कोई नाम नहीं है। जिले के अंदर सरकार की कोई हुकूमत नहीं चलती है। दूसरी तरफ भाजपा ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है।
छत्तीसगढ़ में कांग्रेसी नेताओं पर नक्सली हमले से रायपुर से लेकर दिल्ली तक हड़कंप मच गया है। गृह राज्यमंत्री आरपीएन सिंह रविवार को छत्तीसगढ़ जा सकते हैं।
इधर, सोनिया, राहुल गांधी और कांग्रेस कोषाध्यक्ष मोतीलाल वोरा ने प्रधानमंत्री से मुलाकात कर घटना के बारे में जानकारी ली। प्रदेश के हालात को सुधारने को लेकर बातचीत की गई।
वहीं छत्तीसगढ़ के कांग्रेसी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अजित जोगी ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर राजनीतिक हमला बोल दिया है। जोगी ने प्रदेश में कांग्रेस की ओर से बंद का ऐलान कर दिया है और रमन सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग केंद्र से की है।
उधर, भाजपा प्रवक्ता कैप्टन अभिमन्यु ने घटना को बर्बर कार्रवाई बताया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हिंसा नहीं बल्कि बातचीत से रास्ता निकाला जा सकता है।
छत्तीसगढ़ के प्रभारी कांग्रेस महासचिव बीके हरिप्रसाद ने कहा कि पार्टी की ओर से प्रतिनिधिमंडल रविवार को घटनास्थल पर जाएगा। पूरे मामले की जानकारी ली जा रही है। यह बहुत गंभीर मसला है।
बस्तर में सरकार जैसी चीज नाम नहीं है। अंदर किसी का कोई कानून नहीं चलता है। कल हम छत्तीसगढ़ जाएंगे और उसके बाद प्रतिक्रिया करेंगे।