केंद्रीय खेल एवं युवा मंत्रालय देश में खेल प्रतिभाओं को बेहतर मौका देने के लिए बचपन में ही उनकी पहचान करके उन्हें जिला स्तर पर विशेष बोर्डिंग स्कूल में पढ़ाने की योजना तैयार की है।
आइडेंडटिटीफिकेशन एंड नर्सिंग स्पोर्ट्स टैलेंट (इंस्टाल) योजना के तहत इन स्कूलों में छह से 10 साल की उम्र के बच्चों को उनके अंदर खेल प्रतिभाओं के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा।
यहां पढ़ने वाले बच्चों की स्कूल फीस, पौष्टिक खाना तथा स्पोर्ट्स किट तथा अन्य खर्च की व्यवस्था सरकार करेगी।
इन स्कूलों के लिए खेल प्रतिभायुक्त बच्चों का चयन पंचायत युवा क्रीड़ा एवं खेल अभियान के माध्यम से किया जाएगा।
योजना के तहत ऐसे बच्चों को ही चुना जाएगा, जिनकी उम्र छह साल से दस साल के बीच होगी।
इन्हें प्राथमिक स्तर से आगे की शिक्षा एवं खेल प्रशिक्षण दिलाने के साथ ही केंद्र अथवा राज्य की ओर से शिक्षा की समाप्ति पर स्पोर्ट्स कोटा के तहत नौकरी दिए जाने की भी गारंटी होगी। केंद्रीय खेल मंत्रालय जल्द ही इस योजना की घोषणा कर सकता है।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) देश में 25 नये सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओएक्स) की स्थापना करेगा। ऐसे हर केंद्र पर तीन से चार खेलों की विशेषज्ञता का केंद्र बनाया जाएगा।
ऐसे केंद्रों की स्थापना के लिए केंद्र ने राज्यों से निशुल्क जमीन उपलब्ध कराने की मांग की है। केंद्रीय खेल मंत्रालय दो नेशनल इंस्टीट्यूट स्थापित करेगा।
इनमें से एक स्पोर्ट्स मेडिसिन तथा दूसरा स्पोर्ट्स कोचिंग से संबंधित होगा। देश के हर विकास खंड में स्पोर्ट्स कांपलेक्स स्थापित करने के लिए केंद्र सरकार 1.75 करोड़ रुपये प्रदान करने की योजना है। इस मद में सरकार का लगभग 12,500 करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य है।