राजस्थान सरकार ने रेगिस्तान के जहाज कहे जाने वाले ऊंट को शुक्रवार को राज्य पशु घोषित कर दिया। राज्य सरकार की अधिसूचना के अनुसार चिंकारा के साथ-साथ अब ऊंट भी राज्य पशु बन गया है।
अब ऊंट को मारने वाले को कम से कम एक साल की सजा भुगतनी पड़ेगी। राजस्थान में ऊंटों की संख्या तेजी से गिर रही है।
सूत्रों के अनुसार ऊंटों की गिरती संख्या से राज्य सरकार चिंतित है और इसी कारण उसे राज्य पशु घोषित करने की कार्यवाही शुरू की कई थी। वर्ष 2007 की गणना में प्रदेश में 4.22 लाख ऊंट थे, जिनकी संख्या वर्ष 2014 में 2 लाख से कम होने की आशंका हैं।
पशुपालन मंत्री प्रभुलाल सैनी ने बताया कि ऊंट को राज्य पशु घोषित करने के बाद अब इसे बचाने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जाएंगे। इसके तहत सरकार ऊंटों को प्रदेश से बाहर ले जाने पर प्रतिबंध लगाई जाएगी। अब ऊंट का लोगो (प्रतीक चिन्ह) प्रमुख विभागों, संस्थाओं, राजकीय उपक्रमों एवं प्रचार-प्रसार सामग्रियों पर इस्तेमाल किया जा सकेगा।