भाजपा नेता अरुण जेटली के फोन टैपिंग मामले में गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने आज राज्यसभा में बयान दिया। उन्होंने कहा कि जेटली के मामले में फोन टैपिंग नहीं हुई थी बल्कि गैर कानूनी तरीके से कॉल डाटा रिकॉर्ड निकालने की कोशिश की गई थी।
उन्होंने बताया कि पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस ने 14 फरवरी को केस दर्ज किया और दिल्ली पुलिस के एक कॉन्स्टेबल सहित चार आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि साहिबाबाद स्थित एक निजी जासूसी एजेंसी के कहने पर कॉन्स्टेबल ने गैरकानूनी तरीके से कॉल डिटेल हासिल करने की कोशिश की। आरोपी अनुराग सिंह का संबंध इसी जासूसी एजेंसी से है।
वहीं इस मामले में कुछ सनसनीखेज खुलासे हुए हैं। अनुराग सिंह ने भाजपा नेता अरुण जेटली की ही जासूसी नहीं कराई थी, बल्कि पूर्व भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष विजय गोयल, भाजपा नेता सुधांशु मित्तल, पूर्व आईपीएल चेयरमैन ललित मोदी की भी कॉल डिटेल्स निकाली थी।
पुलिस द्वारा जब्त कंप्यूटरों की जांच में 60 से ज्यादा लोगों की कॉल डिटेल्स की जानकारी मिली है। इनमें भाजपा के कई नेता और कई उद्योगपति शामिल हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जेटली केस में गिरफ्तार अनुराग सिंह ने नितिन गडकरी, विजय गोयल, सुधांशु मित्तल, ललित मोदी के साथ मुंबई के बिजनेसमैन नितिन शाह भी कॉल डिटेल्स निकाली थी।
जेटली केस में पुलिस ने नीरज, अनुराग, नीतेश और अरविंद डबास समेत कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके दो कंप्यूटर और एक लैपटॉप जब्त किए थे। अब तक जांच में पता चला है कि मात्र 2500 रुपए में बड़े-बड़े नेताओं और उद्योगपतियों की कॉल डिटेल्स निकाली जा रही थी।