भारत-पाकिस्तान के साथ बेहतर रिश्तों की राह में आतंकवाद के बाद सीजफायर उल्लंघन और सीमा पार घुसपैठ को दूसरा बड़ा रोड़ा मानता है। बृहस्पतिवार से सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और पाकिस्तान रेंजर्स के महानिदेशकों (डीजी) की शुरू होने वाली तीन दिवसीय बातचीत में भारत यह मुद्दा प्रमुखता से उठाएगा। इस बातचीत के लिए पाक रेंजर्स की 16 सदस्यों की टीम बुधवार को दिल्ली पहुंची गई।
इधर बीएसएफ के डीजी डीके पाठक ने नौर्थ ब्लाक में गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर उन्हें पाकिस्तानी रेंजर्स के साथ बातचीत की तैयारियों की जानकारी दी। इस बातचीत का मुख्य मकसद अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) पर शांति बहाल करना है। ताकि आगे के उच्चस्तर की बातचीत की जमीन तैयार हो सके। इसके लिए दोनों देशों के सीमा प्रहरी अर्धसैनिक बलों के बीच संवाद के नए रास्ते खोलने पर खास जोर दिया जाएगा।
पाक रेंजर्स के डीजी मेजर जनरल उमर फारूख बुरकी का उनकी टीम के साथ वाघा बार्डर पर बीएसएफ के अधिकारियों की ओर से स्वागत किया गया। फिर अमृतसर से इन्हें बीएसएफ के विशेष विमान से दिल्ली लाया गया। इससे पहले डीजी स्तर के बातचीत 2013 में लाहौर में हुई थी।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) स्तर की बातचीत के विफल होने और दोनों देशों से दिए जा रहे बयानों से उपजे तनाव के बीच हो रही इस बातचीत से काफी उम्मीदें हैं। अगर यह वार्ता सकारात्मक रहती है तो आगे की वार्ताओं में फंसा पेंच निकल सकता है।