एलओसी पर घुसपैठ की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने सीमा पर ग्राउंड सेंसर लगाने का फैसला किया है।
इसकी मदद से एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर किसी भी तरह की गतिविधियों को पकड़ा जा सकेगा। भारत के पूर्वी और पश्चिमी सेक्टर में यह अपनी तरह का पहला सुरक्षा तंत्र होगा।
गत सितंबर में कठुआ में हुए आतंकी हमले को देखते हुए बीएसएफ ने ‘अन अटेंडेड ग्राउंड सेंसर’ (यूजीएस) नाम के इस उपकरण के लिए औपचारिक आग्रह किया है। इस हमले में सेना और पुलिसकर्मियों समेत 12 लोग मारे गए थे।
बीएसएफ का मानना है कि यूजीएस से सीमावर्ती चौकियों और घुसपैठ के संभावित रास्तों के बीच अंतराल को कम करने में मदद मिलेगी। इसके जरिए बिना जवानों की तैनाती किए अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा में भी मदद मिलेगी।
यह उपकरण 150 से 500 मीटर तक की परिधि में सभी मौसमों में काम कर सकता है। बीएसएफ ने हाल में इस संबंध में दिलचस्पी दिखाई थी।
इसके मुताबिक उपकरण में किसी एक घुसपैठिये या कई घुसपैठियों के ठिकानों के बारे में सटीक सूचना देने की क्षमता होनी चाहिए, ताकि दिन रात निगरानी कैमरों, नियंत्रण और डिस्प्ले यूनिटों का इस्तेमाल कर 24 घंटे निगरानी रखी जा सके।