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आखिर क्यों आसान नहीं होगा मोदी का ब्रिटेन दौरा?

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ब्रिटेन दौरा इस बार आसान नहीं होगा। उन्हें सर आंखों पर बैठाने वाले प्रवासी इस बार भारत के हालातों पर उनसे सवाल करने के मूड में हैं। मिनी इंडिया कहे जाने वाले बर्मिंघम के प्रवासी भारतीयों ने उनके स्वागत में रंगारंग समारोह रखा है। हालांकि इसमें देश में सांप्रदायिक सौहार्द को कायम करने की मांग भी शामिल रहेगी।
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इस हफ्ते ब्रिटेन में प्रधानमंत्री अपने दौरे पर यहाँ रहने वाले भारतीयों से भी मिलेंगे। विदेश में बसे भारतीयों में प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता बनी हुई है, लेकिन भारत में होने वाली हाल की घटनाओं से वो चिंतित भी हैं। सोहो स्ट्रीट बर्मिंघम का मिनी इंडिया है। यहाँ भारतीय मूल के लोग रचे बसे हैं। यहां स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की एक शाखा भी है। सोहो स्ट्रीट में इस वक्त यहां दुकानों में भारतीय प्रवासी दिवाली की खरीदारी में जुटे हैं। भारतीय खरीदारों को दुकानों में देख ऐसा लगता है कि आप भारत में ही हैं।

प्रधानमंत्री मोदी अपनी विदेश यात्राओं में ऐसे ही भारतीयों से जुड़ रहे हैं। बर्मिंघम में लगभग 60,000 भारतीय रंगारंग समारोह में प्रधानमंत्री के स्वागत को तैयार हैं। इनमें से एक बर्मिंघम के एक प्रसिद्ध भारतीय मोहिन्दर सिंह भाटिया भी होंगे। वो प्रधानमंत्री के साथ डिनर करेंगे। मैंने उनसे पूछा कि प्रधानमंत्री से मिल कर क्या कहेंगे।
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दादरी घटना से खराब हुई छवि

मोहिन्दर सिंह कहते हैं, "हम उनसे कहेंगे हमारा देश एक बहुसांस्कृतिक और कई फेथ (मजहबों) वाला देश है। इस मूल्य को ख़त्म न होने देना। हिन्दू मुस्लिम सिख- ईसाई आपस में हैं सब भाई-भाई। इसे न भुलाना।" मोहिन्दर सिंह भाटिया 50 वर्ष पहले पंजाब से बर्मिंघम आए थे। लेकिन बार-बार जब वह 'अपना देश' कहते थे तो वो ब्रिटेन को नहीं बल्कि भारत को कहते थे। वह देश में हुई हाल की साम्प्रदायिक घटनाओं से चिंतित थे और कहा कि प्रधानमंत्री को अपनी चिंता बताएंगे।

ब्रिटेन में 150 मंदिर हैं। इनमें में बर्मिंघम का गीता भवन काफी प्रसिद्ध है। मैं वहां पहुंचा तो आरती का समय था। शाम की इस पूजा का नेतृत्व पंडित धरम दत्त कर रहे थे। वह नरेंद्र मोदी के समर्थकों में से एक हैं। लेकिन वह भारत में हाल में हुई घटनाओं से खुश नहीं हैं। वह प्रधानमंत्री को भारत की एकता मजबूत करने की सलाह देते हैं। धरम दत्त कहते हैं, "प्रधानमंत्री को ये सोचना पड़ेगा कि जिन शब्दों का प्रयोग किया जाता है, एक-दूसरे के प्रति उन शब्दों को सोचकर बोलना होगा।"

पंडित धरम 33 साल पहले पंजाब से आकर यहाँ आबाद हुए थे। वह कहते हैं, "जो भारतीय संस्कृति चली आ रही है उसे एक साथ लेकर ही चलना होगा।" भारतीय मूल के मुस्लिम समुदाय में मोदी के खिलाफ नाराजगी है। वे चाहते हैं कि प्रधानमंत्री मुस्लिम समुदाय की समस्याओं पर भी ध्यान दें।
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