पठानकोट एयरबेस में छिपे दोनों आतंकियो को सुरक्षाबलों ने मार गिराया है। सेना, एनएसजी और एयरफोर्स के संयुक्त ऑपरेशन में अब तक छह आतंकी मारे जा चुके हैं। एनएसजी के एक लेफ्टीनेंट कर्नल समेत 7 जवान भी शहीद हो चुके हैं।
एयरबेस पर रविवार को विस्फोटक डिफ्यूज करते हुए एनएसजी के एक अधिकारी की मौत हो गई। धमाके में एनएसजी के पांच कमांडो घयाल हो गए। उल्लेखनीय है कि शनिवार तड़के को आतंकियों के एक समूह ने पठानकोट एयरबेस पर हमला कर दिया था। जवाबी कार्रवाई में चार आतंकी मारे गए।
डीआईजी (बॉर्डर) कुंवर विजय प्रताप सिंह ने बताया कि पठानकोट में तलाशी अभियान जारी है। एयरबेस के पास कई लड़ाकू हैलीकॉप्टर मंडराते देखे गए हैं। सीआरपीएफ ने शहर में सुरक्षा कड़ी कर दी है। हमले की जांच करने के लिए एनआईए की आठ सदस्यों की एक टीम पठानकोट पहुंच चुकी है। विस्फोटक निष्क्रिय करते हुए एनएसजी के लेफ्टीनेंट कर्नल निरंजन की हुई मौत पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने दुख व्यक्त किया।
हमले में पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे संकेत मिले हैं, जिनसे साबित होता है कि जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर और उसके भाई रऊफ के इशारे पर यह हमला हुआ। मसूद अजहर वही आतंकी है, जिसे 1999 में इंडियन एयरलाइंस के बंधक यात्रियों को छोड़ने के एवज में कंधार ले जाकर छोड़ दिया गया था।
सेना ने फेल किए आतंकियों के मंसूबेः महर्षि
पठानकोट एयरबेस पर हुए आत्मघाती हमले में जहां 7 जवान शहीद हुए और 20 घायल हैं। गृह सचिव राजीव महर्षि ने जानकारी दी की पठानकोट में सेना ने छह आतंकियों को मार गिराया है और उनके एयरबेस को क्षति पहुंचाने की मंशा नाकामयाब कर दी है।
हालांकि अभी एयरबेस में करीब दो और आतंकियों की तलाश की जा रही है और उनकी तलाश जल्द ही समाप्त कर ली जाएगी।उनकी तलाशी के लिए ड्र्रोन और हेलिकॉप्टरों की मदद ली जा रही है।
साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार और सुरक्षा एजेंसियों को इस प्रकार के हमले की पहले से ही जानकारी थी। इसलिए वहां पहले ही सुरक्षा चाकचौबंद कर दी गयी थी और देश की सभी सुरक्षाएजेंसियां अलर्ट पर थीं। इसलिए आतंकी अपने मनसूबे पूरे नहीं कर सके।
उन्होंने अपने बयान में कहा आतंकी सेना की वर्दी में थे औैर उन लोगों ने ही गुरबादपुर के एसपी की गाड़ी अगवा की थी और बाद में उनके ड्राइवर को मार दिया था।
आतंकियों के खिलाफ 17 घंटे तक चला ऑपरेशन
उल्लेखनीय है कि शनिवार को तड़के तकरीबन तीन बजे सेना की वर्दी पहने 6 आतंकियों ने पठानकोट के एयरफोर्स बेस कैंप पर आत्मघाती हमला कर दिया। आर्मी और एनएसजी की टीम ने 17 घंटे तक संयुक्त ऑपरेशन चलाकर 6 आतंकवादियों को मार गिराया। हालांकि हमले में 7 जवान भी शहीद हो गए और 20 लोग घायल हो गए।
जानकारी के अनुसार, आतंकवादी करीब 20 किलोमीटर के दायरे में फैले एयरफोर्स स्टेशन में गांव धीरा की ओर से पिछली दीवार फांदकर अंदर घुसे थे। हमले के तुरंत बाद पठानकोट कैंट से ही आर्मी की टुकड़ी और एनएसजी की टीम को एयरफोर्स हेडक्वार्टर बुलाया गया और इलाके को पूरी तरह से सील कर दिया गया। एनएसजी और आर्मी ने संयुक्त ऑपरेशन चलाने के लिए आईएम 35 हेलीकॉप्टर के अलावा टोही विमान की सहायता ली गई।
एक इमारत में आतंकवादी के छिपे होने की आशंका से उस पर लगातार ग्रेनेड से हमला किया गया, हेलीकॉप्टर से भी फायर किए गए। तकरीबन 17 घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद आतंकियों का मार गिराया गया। इलके में तलाशी अभियान अब भी जारी है।