‘सुशासन संकल्प, भाजपा विकल्प’ जैसे नए नारे के साथ भाजपा अब रायसीना हिल्स कूच की तैयारी में जुटने जा रही है। पिछले नौ साल से सत्ता से बाहर बैठी भाजपा 2014 को केंद्र में लौटने का सबसे उपयुक्त समय मान रही है। इसलिए शुक्रवार को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में यूपीए सरकार को केंद्र से बेदखल करने व 21वीं सदी को भाजपा की सदी बनाने के लिए संघर्ष करने की पुरजोर वकालत की गई।
भाजपा ने लोकसभा चुनाव की तैयारी के मद्देनजर नया नारा तलाशा है। इस नारे से भाजपा एनडीए शासित और कांग्रेस शासित राज्यों की उपलब्धियों की तुलना कर देश को बताएगी कि किस तरह से भाजपा बेहतर विकल्प है।
कार्यकारिणी के बाद शनिवार और रविवार को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में भाजपा की राष्ट्रीय परिषद की बैठक होगी। इसमें मुख्यतौर पर आगामी लोकसभा व आधा दर्जन राज्यों के विधानसभा चुनावों में कांग्रेसनीत गठबंधन को शिकस्त देने की रणनीति पर चर्चा होगी।
नई दिल्ली नगर परिषद (एनडीएमसी) के जंतर-मंतर स्थिति सभागार में आयोजित कार्यकारिणी की बैठक में पार्टी के नवनिर्वाचित अध्यक्ष राजनाथ ने अपना पदभार ग्रहण करने के साथ ही पार्टीजनों से कहा कि लगभग हर मोर्चे पर विफल यूपीए सरकार को सत्ता से बेदखल करने का सबसे उचित अवसर आ रहा है। इसलिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। कार्यकारिणी ने परिषद की बैठक के ऐजंडा को भी हरी झंडी दिखा दी है।
इस बार दो ही प्रस्ताव-राजनीतिक व आर्थिक पेश होंगे। चुनाव तैयारी के लिए बाकायदा ‘आगामी चुनाव और चुनौतियां’ विषय को चर्चा के लिए रखा गया है।
पार्टी प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने माना कि भाजपा अगले दो दिन देश के राजनीति व आर्थिक हालातों के साथ ही आगामी चुनावों पर चर्चा करेगी। राजनाथ सिंह के अध्यक्ष बनने के बाद कार्यकारिणी और परिषद की यह पहली बैठक हैं। परिषद राजनाथ के चुनाव पर अपनी मुहर लगाएगी।
खास बात यह है कि वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में शिकस्त के बाद भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक इसी सभागार में हुई थी। तब भी पार्टी की कमान राजनाथ के हाथ थी। इस शिकस्त के बाद पार्टी में व्याप्त निराशा के बीच राजनाथ ने कहा था कि वर्ष 2014 भाजपा का होगा।