तेल कंपनियों द्वारा डॉलर की भारी मांग से मुद्रा विनिमय बाजार में डॉलर के मुकाबले रुपया 53 पैसे की भारी गिरावट लेकर करीब दो माह के निचले स्तर 54.89 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ। बाजार के जानकारों का कहना है कि रुपया 56 के स्तर के पार जा सकता है। पिछले कारोबारी दिवस रुपया 54.36 पर रहा था।
मुद्रा बाजार के डीलरों का कहना है कि विदेशी बाजारों में अन्य प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर में मजबूती आई, जिसका असर घरेलू मुद्रा पर पड़ा। कारोबारी सत्र में रुपया 54.40-54.94 के बीच रहा। आखिर में यह पिछले दिवस के मुकाबले 53 पैसे गिरकर 54.89 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
एचडीएफसी बैंक के चीफ डीलर आशतोष रैना का कहना है कि बजट से बाजार को मिली निराशा के चलते शुक्रवार को रुपये में तेज गिरावट आई। बजट में चालू खाता घाटा को नियंत्रित करने के कोई उम्मीदों के अनुरूप कोई प्रावधान नहीं सामने आए। जिसका बाजार पर नकारात्मक असर पड़ा। उन्होंने कहा कि शार्ट टर्म में रुपया 56 के स्तर को भी पार कर सकता है।