महाराष्ट्र में अक्तूबर के दूसरे सप्ताह में संभावित विधानसभा चुनाव के मद्देनजर आयाराम-गयाराम का खेल शुरू हो गया है। चूंकि राज्य में सत्ताधारी कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन के खिलाफ बयार चल रही है इसलिए भाजपा और शिवसेना में शामिल होने वाले नेताओं की कतार लग गई है।
शिवसेना हालांकि दूसरे दल से आने वाले लोगों को कंफर्म टिकट दे रही है लेकिन भाजपा में कंफर्म टिकट के लाले पड़े हैं इसलिए आगंतुकों को वेटिंग टिकट ही थमाया जा रहा है।
शिवसेना में दूसरे दलों के नेताओं के शामिल होने का सिलसिला जारी है। अब तक एनसीपी में हाशिए पर गए कुछ उत्तर भारतीय नेता भी जल्द शिवसेना में शामिल होने वाले हैं।
इसी तरह भाजपा में भी पश्चिम महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और मुंबई से कांग्रेस-एनसीपी के तकरीबन दो दर्जन से अधिक नेता बीजेपी में शामिल होना चाहते हैं। शिवसेना में आने वाले नेताओं का टिकट लगभग कंफर्म है। पर, भाजपा में वेटिंग टिकट देने की अपनी मजबूरियां हैं।