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बिहार हार के कारणों का पता लगाएगी भाजपा

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भाजपा ने बिहार विधानसभा चुनाव में हार की अनौपचारिक समीक्षा शुरू कर दी है। औपचारिक समीक्षा के लिए भी बैठक जल्द होने के आसार हैं। बताया जा रहा है की संसद सत्र की समाप्ति के तुरंत बाद पार्टी हार पर औपचारिक समीक्षा बैठक करेगी। तब तक हार का दंश भी शांत हो जाएगा और पार्टी नेताओं के बीच पनपी कड़वाहट भी कम हो जाएगी।
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कहा जा रहा है कि भाजपा की समीक्षा के बाद राजग की भी औपचारिक समीक्षा बैठक होगी। हालांकि पार्टी के वरिष्ठ नेता अनौपचारिक तौर पर हार की समीक्षा में जुट गए हैं। पार्टी आलाकमान सूबे के सबक को हल्के में लेने के मूड में नहीं है।

दूसरी ओर आलाकमान के खिलाफ विरोध की आवाज बुलंद कर रहे नेताओं को भी साधने की कोशिश परदे के पीछे से जारी है। बागी नेताओं को फौरी तौर पर नसीहत भी दी गई है लेकिन उन्हें आश्वासन भी दिया जा रहा है कि उनके आरोपों को अनसुना नहीं किया जाएगा। पार्टी संगठन से जुडे़ एक वरिष्ठ नेता आला नेताओं से अनौपचारिक बातचीत कर रहे हैं।
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भाजपा की औपचारिक समीक्षा बैठक संसद सत्र के बाद

सूत्र बताते हैं कि आलाकमान के निर्देश के बाद बिहार भाजपा ने हार के कारणों का पता लगाने के लिए जिलावार समीक्षा बैठक शुरू कर दी है। इसके बाद प्रदेश और केंद्र स्तर पर हार के कारणों की समीक्षा होगी। वैसे राज्य के कुछ वरिष्ठ नेताओं की बृहस्पतिवार देर रात तक आलाकमान के साथ मंत्रणा हुई है।

बताया जा रहा है कि हार के कारणों की औपचारिक समीक्षा बैठक पराजय के दंश कमजोर होने और नेताओं की कड़वाहट दूर होने के बाद होगी। इसके मद्देनजर समीक्षा बैठक दिसंबर के अंत या जनवरी में होने के आसार हैं। कहा जा रहा है कि आलाकमान के खिलाफ तेवर दिखा रहे नेताओं को साधने की कवायद में संगठन स्तर पर बातचीत जारी है।

इस कसरत में जुटे पार्टी के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि संगठन भी परिवार की तरह चलता है। आरोप प्रत्यारोप की बातें होती रहती हैं। जिस तरह परिवार में मेलजोल से कड़वाहटों को दूर किया जाता है, संगठन भी परिवार की तरह चलता है।

उक्त नेता की मानें तो समीक्षा बैठक नेताओं की कड़वाहट कम होने के बाद होगी। पार्टी आलाकमान की रणनीति अभी हार के जख्म को कमजोर करने की है ताकि शांत माहौल में पराजय के कारणों पर चर्चा हो सके।
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