केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह ने कहा है कि भूमि अधिग्रहण अध्यादेश पर उनकी नाराजगी की अटकलें कोरी अफवाह है।
उन्होंने कहा है कि कांग्रेस शासित कुछ राज्य भी यूपीए सरकार के समय बने भूमि अधिग्रहण कानून में बदलाव की मांग कर रहे थे। अध्यादेश के जरिये लागू कानून में पांच सेक्टरों में जमीन मालिकों की रजामंदी का प्रावधान हटा दिया गया है। यानी इन सेक्टरों में अधिग्रहण के लिए जमीन मालिकों की रजामंदी की जरूरत नहीं होगी।
बीरेंद्र सिंह ने दावा किया कि यूपीए की ओर से लाए गए कानून में 60 त्रुटियां थीं। इन्हें अध्यादेश के जरिये लाए गए कानून में ठीक कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार में राहुल गांधी को खुश करने के लिए जल्दबाजी में भूमि अधिग्रहण विधेयक पारित कराया गया था। उनकी गलतियों की सजा हम भुगत रहे हैं।