परिषदीय बेसिक स्कूलों के विद्यार्थियों को आगरा और फतेहपुर सीकरी का गलत इतिहास पढ़ाया जाएगा। कक्षा सात की पुस्तक ‘हमारा इतिहास और नागरिक जीवन’ में कई गलत जानकारियां दी गई हैं।
बुलंद दरवाजा और पंचमहल को तो फतेहपुर सीकरी में ही, लेकिन सलीम चिश्ती की दरगाह को आगरा में दर्शाया गया है।
पुस्तक के पेज नंबर 66 पर एतिहासिक स्मारकों के चित्र छापे गए हैं। कुल छह चित्र हैं और सभी के नीचे उनके बारे में जानकारी दी गई है। दीवान-ए-आम और दीवान-ए-खास आगरा किला को भी दर्शाया गया है। जबकि तस्वीर फतेहपुर सीकरी के दीवान-ए-आम और दीवान-ए-खास की है। वहीं आगरा किला का नाम आगरा का लाल किला बताया गया है।
75 फीसदी किताबें बांट दी गईं
पेज पर अकबर द्वारा बनाए गए एक और महल की तस्वीर छपी है, उसके बारे में जानकारी ही नहीं दी गई।
बेसिक शिक्षा अधिकारी ओमकार सिंह के मुताबिक, जिले में करीब 75 फीसदी किताबों का वितरण हो चुका है। किताबें सत्यापित करके परिषदीय बेसिक स्कूलों में भेजी जा रही हैं।
बावजूद यह गड़बड़ी पकड़ी नहीं जा सकी। अब तक किसी शिक्षक ने भी विभागीय अधिकारियों को इस गड़बड़ी की जानकारी नहीं दी है।
...तो पूरे प्रदेश में पढ़ाई जाएगी पुस्तक
पाठ्यक्रम की सीडी राज्य सरकार ही बनवाकर प्रकाशकों को देती है। पूरे प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में समान पाठ्यक्रम पढ़ाया जाता है। यदि संशोधन नहीं हुआ तो कक्षा सात की पुस्तक ‘हमारा इतिहास और नागरिक जीवन’ से बच्चे एतिहासिक इमारतों की गलत जानकारी हासिल करेंगे।
एडी बेसिक गिरजेश चौधरी ने बताया कि किताब में गलत चित्र और जानकारी छपने का मामला संज्ञान में आया है। उसको चेक करने के बाद वस्तुस्थिति से निदेशालय को अवगत कराया जाएगा।
अधीक्षण पुरातत्वविद् भुवन विक्रम ने इस मुद्दे पर कहा कि मैंने किताब नहीं देखी, उसके बारे में कमेंट नहीं कर सकता। यदि किताब में कोई गलत जानकारी दी गई है तो उसमें सुधार करके बच्चों को सही जानकारी दी जानी चाहिए।