दहेज प्रथा पर रोक लगाने के लिए बरेलवी मरकज दरगाह आला हजरत के उलमा दहेज मांगने वालों का निकाह नहीं पढ़ाएंगे। उलमा ने यह भी फैसला किया है कि खड़े होकर खाना खिलाने वालों का बहिष्कार किया जाएगा और उनका भी निकाह नहीं पढ़ाया जाएगा।
जमात रजा मुस्तफा के शहर काजी एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना असजद रजा खां कादरी ने बताया कि दहेज मांगने और कार्यक्रमों में खड़े होकर खाना खिलाने वालों के खिलाफ आंदोलन की शुरुआत कसबा ठिरिया से शुरू कर दी है।
तय किया गया है कि देश में जहां-जहां ये कुरीतियां होंगी वहां लोगों को शरीयत के हवाले से समझाया जाएगा। इसके बाद भी न मानने वालों के यहां कोई भी आलिमे दीन निकाह नहीं पढ़ाएगा।