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'मोदी नहीं तो भाजपा को समर्थन भी नहीं'

Sat, 07 Sep 2013 07:59 AM IST
अमर उजाला, दिल्ली
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योग गुरु बाबा रामदेव ने प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी का खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने भाजपा को चेतावनी दी है कि अगर इस माह के अंत तक मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार नहीं बनाया गया तो वह पार्टी का समर्थन नहीं करेंगे।
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बाबा रामदेव शुक्रवार को कांस्टीट्यूशनल क्लब में मीडिया से बात रहे थे। इस दौरान कांग्रेस उपाध्यक्ष पर निशाना साधते हुए योग गुरु ने कहा कि ‘भोंदू-पप्पू’ को देश पर राज करने का अधिकार नहीं है। साथ ही कांग्रेस के खिलाफ राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया।

‘मोदी लाओ, देश बचाओ’
बाबा रामदेव ने कहा कि आज देश को एक महानायक की जरूरत है। मौजूदा समय में सिर्फ नरेंद्र मोदी में ही सामर्थ्य है कि वह देश को दुनिया का सिरमौर बना सकें। गुजरात में शासन कर मोदी ने यह करके भी दिखाया है।
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योग गुरु ने कहा कि ‘मोदी लाओ, देश बचाओ’ आज देश की आवाज है। मोदी आएंगे तो रुपए का अवमूल्यन रुकेगा। किसानों की स्थिति सुधरेगी।

कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए उन्होंने कहा कि पहले न सिर्फ कोयला घोटाला होता है, बल्कि सबूत मिटाने के लिए फाइलें भी गुम करवा दी जाती हैं। अगर इसी को ईमानदारी कहते हैं तो बेईमानी क्या है।

उन्होंने कहा कि चुनावी साल में सोनिया गांधी के इशारे पर खाद्य सुरक्षा बिल लाया गया। गांधी ने साजिशन देश को गरीब बनाया है। पहले विदेशी हुकूमत देश को लूट रही थी, अब देश का पैसा विदेशी बैंक में जमा हो रहा है। अब चालाकी यह है कि गरीब की थाली में भोजन वही डालेंगे।

कांग्रेस के खिलाफ राष्ट्रव्यापी अभियान 8 से
बाबा रामदेव ने बताया कि आठ सिंतबर को जंतर-मंतर पर व्यवस्था परिवर्तन रैली निकाली जाएगी। फिर 13 सितंबर से मध्यप्रदेश के नीमच शहर से देशव्यापी परिवर्तन यात्रा की शुरुआत होगी।

उन्होंने कहा कि इस दौरान देशवासियों को कांग्रेस के 21 घोटालों के बारे में बताया जाएगा। इसके अलावा आम चुनाव से पहले रामलीला मैदान बड़ी रैली होगी।

दोषी साबित होने पर हो आसाराम पर कार्रवाई
रामदेव ने कहा कि आसाराम बापू पर यौन उत्पीड़न के आरोपों की सुनवाई कोर्ट में चल रही है। थोड़ा सब्र कीजिए, अगर वह दोषी साबित होते हैं तो उनके खिलाफ कानूनन वहीं कार्रवाई होनी चाहिए, जो आम आदमी के खिलाफ होती है। साथ ही यह भी कहा कि एक व्यक्ति पर लगे आरोपों के आधार पर पूरे संत समाज को बदनाम नहीं करना चाहिए।
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