राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने दिल्ली-लाहौर समझौता एक्सप्रेस धमाका मामले के आरोपी नाबा कुमार सरकार उर्फ स्वामी असीमानंद की जमानत को उच्च अदालत में चुनौती नहीं देगी।
एनआईए के इस कदम से उसके बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है। लेकिन, असीमानंद जमानत की शर्तों को पूरा नहीं कर रहा, ताकि वह जेल के भीतर ही रहे।
एनआईए व संबंधित सुरक्षा एजेंसियों में यह चर्चा है कि असीमानंद को जेल के बाहर अपनी जान का डर है। इसलिए वह बाहर आने की कोई गंभीर कोशिश नहीं कर रहा है। यही वजह है कि असीमानंद ने मक्का मस्जिद और अजमेर शरीफ धमाका मामले में जमानत के लिए अर्जी नहीं दी है।
सूत्रों के मुताबिक समझौता मामले में मिली जमानत के आधार पर इन दो मामलों में भी उसे आसानी से जमानत मिल सकती है। लेकिन मामले से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि 78 साल के असीमानंद ने जेल के भीतर ही बने रहने का मन बना रखा है।