अरविंद केजरीवाल ने अपना अनशन तोड़ दिया है। दिल्ली में बिजली और पानी के बिलों में इजाफे के खिलाफ 15 दिनों से केजरीवाल उपवास पर थे।
दिल्ली के सुंदरनगरी में अनशन तोड़ने के बाद अरविंद केजरीवाल ने कहा, 'वे सत्ता के भूखे नहीं हैं। कई लोग ये पूछ रहे हैं कि आपको अनशन से क्या हासिल हुआ? क्या इस मुहिम को मिला अपार जनसमर्थन उपलब्धि नहीं है?'
बिजली के दाम आधा करेंगे
केजरीवाल ने कहा कि यदि आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार आती है तो हम बिजली के दाम आधा करेंगे। बिजली मीटर की जांच जाएगी। इसके अलावा बिजली कंपनियों का ऑडिट किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि भाजपा और कांग्रेस दोनों समस्या है, वहीं 'आप' आशा की किरण है। ऐसे में आशा की किरण कभी खत्म नहीं होनी चाहिए।
बिजली, पानी मुद्दे पर होगा चुनाव
केजरीवाल ने कहा कि उनके उपवास से यह साबित हो गया कि अब दिल्ली विधानसभा चुनाव बिजली और पानी के मुद्दे पर लड़ा जाएगा। बड़े उद्योगपतियों पर निशाना साधते हुए कहा कि अब देश को अंबानी नहीं बल्कि आम लोग चलाएंगे।
केजरवील ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता अब गली-गली में जाकर बिजली कंपनियों की तरफ से काटे गए कनेक्शन जोड़ेंगे आंदोलन का दस लाख से ज्यादा दिल्लीवासियों ने समर्थन किया है। इससे उपवास का मकसद काफी हद तक पूरा हो गया है।