अलग तेलंगाना राज्य के गठन के फैसले को लेकर सीमांध्र में भड़की आग शांत नहीं हो रही है। देखते ही गोली मारने के आदेश और कर्फ्यू को नजरअंदाज कर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी विजियानगरम कस्बे और जिले के अन्य हिस्सों में सड़कों पर उतरे।
कई जगहों पर पुलिस के साथ प्रदर्शनकारियों की झड़प भी हुई। पत्थरबाजी कर रहे प्रदर्शनकारियों को तितर बितर करने के लिए कोठापेटा इलाके में पुलिस ने रबर बुलेट का प्रयोग किया।
पल्लीवेधि इलाके में भीड़ पर नियंत्रण पाने के लिए बैटन का इस्तेमाल किया गया। इस बीच सीमांध्र में बिजली कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं।
आंध्र प्रदेश कांग्रेस प्रमुख बी सत्यनारायण के पारिवारिक सदस्यों द्वारा संचालित इंजीनियरिंग कॉलेज को प्रदर्शनकारियों ने निशाना बनाया।
कर्फ्यू और उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने के आदेश के बावजूद बड़ी संख्या में लोग तेलंगाना के गठन के विरोध में सड़कों पर उतरे।
कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया गया। व्यापक पैमाने पर हिंसा को देखते हुए विजियानगरम में शनिवार को कर्फ्यू लगाया गया था। तटीय आंध्र का यह कस्बा केंद्रीय कैबिनेट के 3 अक्तूबर के फैसले के बाद से ही अशांत है।
लूटपाट और हिंसा की वारदात
उत्तरी तटीय जोन के आईजीपी द्वारका तिरुमाला राव ने कहा कि जिले से कई हिंसक वारदातों की खबर है। प्रदर्शन, दुकानों में लूटपाट, एक बैंक में आगजनी और निजी तथा सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया।
हिंसा को देखते हुए प्रशासन ने शनिवार रात में ही कर्फ्यू लगाने का आदेश दिया था। हालांकि आईजीपी का कहना है कि कुल मिलाकर सीमांध्र इलाके में स्थिति नियंत्रण में है।
विजियानगरम में प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बी सत्यनारायण और उनके परिवार के लोगों की संपत्तियों को निशाना बनाया। सीमांध्र के बिजली कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं।
मुख्यमंत्री एन किरण कुमार रेड्डी ने हड़ताली कर्मचारियों से अपने काम पर लौटने की अपील की है। तटीय आंध्र और रायलसीमा इलाके में बिजली कर्मियों की हड़ताल के चलते कई बिजली स्टेशनों पर विद्युत उत्पादन और सप्लाई पर असर पड़ा।