एमबीबीएस सीट घपले में काजी रसीद मसूद को चार साल की सजा के बाद बेटे शाजान मसूद ने रविवार को चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि अब वह पिता के सम्मान के लिए चुनाव मैदान में उतरेंगे।
वह सहारनपुर सीट से ही लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। बरसों से काजी के साथ रहे समर्थक उनका हौसला बढ़ाएंगे और मार्गदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि 1977 से अब तक उनके पिता पर कोई भी दाग नहीं था।
एमबीबीएस सीट प्रकरण में सजा का फैसला सुनने के बाद से वे बेहद तन्हा महसूस कर रहे हैं। सजा से बचाव के लिए कानूनी लड़ाई आगे जारी रहेगी और वह बड़ी अदालत में जाएंगे।
पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि एमबीबीएस सीटों के प्रकरण में 11 दाखिलों में तीन को लेकर ही अब्बू पर आरोप लगाए गए हैं। इनमें भी एक भतीजे के कारण उन्हें निशाने पर लिया गया।
शाजान ने कहा कि कई कानून विशेषज्ञों से राय के बाद उन्हें यह बताया गया है कि सबूत सजा के लायक नहीं हैं। इसलिए अब बचाव के लिए बड़ी अदालत जाएंगे। उम्मीद है कि वहां जरूर राहत मिलेगी।
शाजान ने कहा कि जिन भतीजों के लिए काजी साहब ने इतना कुछ किया। वे कहीं नहीं हैं। जिन्हें अब साथ होना चाहिए था। वे साथ नहीं हैं। वह दुआ करते हैं कि खुदा उन्हें सद्बुद्धि दे।
सजा के बाद रसीद मसूद के प्रति कांग्रेस आलाकमान की सोच में बदलाव और टिकट के खतरे के बारे में शाजान ने दावा किया कि अभी ऐसी कोई बात नहीं है।
सीबीआई की सजा के नाम पर कांग्रेस के प्रति गलत दुष्प्रचार हो रहा है। दरअसल, इस मामले में चार्जशीट तो राजग सरकार के सत्ता में रहते हुए तैयार की गई थी।