संसद हमले के मास्टर माइंड अफजल गुरू ने अंतिम समय में भले ही परिवार से फोन पर बात करने से इंकार कर दिया हो, लेकिन जाते-जाते पत्नी तब्बसुम के नाम पत्र छोड़ गया।
आमतौर पर जेल से भेजी जाने वाली सभी चिठ्ठियों की बाकायदा स्क्रीनिंग होती है, लेकिन उसका अंतिम पत्र उसकी पत्नी के नाम श्रीनगर पोस्ट कर दिया गया है। अफजल ने यह पत्र फांसी पर चढ़ने से पहले लिखा था और उसे तिहाड़ जेल प्रशासन को सौंप दिया था।
उर्दू में लिखे इस पत्र में अफजल ने फांसी होने से एक दिन पहले पत्नी से न मिलने पाने का दर्द भी बयां किया है। पत्र में यह भी लिखा है, ‘मैं जहां को छोड़ कर जा रहा हूं, इस सदमे से तुम उबरने की कोशिश करना।’
तिहाड़ जेल के एक अधिकारी ने बताया कि अफजल ने यह पत्र एक पेज में लिखा है। जेल प्रशासन ने अफजल के पत्र को पूरी तरह से गोपनीय रखा। इस बारे में तिहाड़ जेल के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा कुछ चुनिंदा अधिकारियों को ही जानकारी है।
तिहाड़ जेल की महानिदेशक विमला मेहरा ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि अफजल ने अपना आखिरी पत्र पत्नी तब्बसुम के नाम लिखा है। शनिवार को यह पत्र पत्नी के पते पर भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि एक-दो दिन में स्पीड पोस्ट से भेजा गया पत्र उसकी पत्नी को मिल जाएगा।