संसद पर हमले के मास्टर माइंइ अफजल गुरु को फांसी दिए जाने के बाद अलीगढ़ मुसलिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में छात्रों ने शहीद का दर्जा दिया है। अफजल की फांसी के बाद छात्रों ने एएमयू की मौलाना आजाद लाइब्रेरी के बाहर नमाज-ए-जनाजा (गायबाना) पढ़ी और अफजल को शहीद का दर्जा दिया।
सोमवार को अफजल गुरु को फांसी दिए जाने के विरोध में एएमयू में छात्रों ने प्रोटेस्ट मार्च निकाल कर अपना विरोध व्यक्त किया। छात्रों ने बाब-ए-सैयद पर सभा आयोजित कर केंद्र सरकार पर अफजल गुरु की हत्या करने का आरोप लगाया।
सभा को संबोधित करते हुए कश्मीरी शोध छात्र मो. रऊफ ने कहा कि अफजल गुरु का शव और सामान रियासत-ए-कश्मीर में रह रहे उसके परिवार वालों को सौंपा जाए। कश्मीर में संचार माध्यमों पर लगा प्रतिबंध हटाया जाए। फांसी की सजा पाए अन्य अपराधियों को भी जल्द फांसी दी जाए। मो. रऊफ ने संबोधन में दावा किया कि यह प्रोटेस्ट मार्च केवल कश्मीरी छात्रों का नहीं है, बल्कि एएमयू के छात्रों का है।
इससे पूर्व लगभग 11.40 बजे छात्र आर्ट फैकल्टी के बाहर इकट्ठा हुए। यहां से छात्र पोस्टर बैनर हाथ में लेकर कुलपति आवास, स्टाफ क्लब होते हुए बाब-ए-सैयद पर पहुंचे। अपने संबोधन में मो. रऊफ ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी कि भविष्य में अगर ऐसी कोई घटना हुई तो उसके परिणाम गंभीर होंगे। प्रोटेस्ट मार्च के दौरान पर्चे आदि भी बांटे गए।