जब राजनीति में आपराधिक पृष्ठभूमि के नेताओं की बात होती है तो उत्तर प्रदेश और बिहार का उल्लेख होता है लेकिन अब महाराष्ट्र भी इस कड़ी का हिस्सा बन गया है। इसका ताजा उदाहरण महाराष्ट्र इलेक्शन वाच और एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की रिपोर्ट है जिसमें महाराष्ट्र के 34 फीसदी उम्मीदवारों को दागी बताया गया है। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में कुल 2336 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं जिसमें से 798 उम्मीदवारों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज हैं।
महाराष्ट्र चुनाव में सुशासन का वादा कर चुनाव लड़ रही भाजपा, शिवसेना, कांग्रेस, एनसीपी और एमएनएस के 1318 उम्मीदवारों में से 640 उम्मीदवारों ने शपथपत्र में इसका खुलासा किया है। इनमें से 537 यानी 23 प्रतिशत उम्मीदवारों पर हत्या का प्रयास, अपहरण जैसे संगीन मामले दर्ज है। इसके अलावा राज्य के 156 विधानसभा क्षेत्र ऐसे हैं जिसे रेड अलर्ट घोषित किया गया है। इन सीटों पर तीन से अधिक आपराधिक पृष्ठभूमि के उम्मीदवार मैदान में हैं।
दागी उम्मीदवारों में अधिकतर करोड़पति हैं। कुल 2336 उम्मीदवारों में 1095 यानी 47 प्रतिशत करोड़पति हैं जबकि 14 ऐसे उम्मीदवार हैं जिनके पास कोई संपत्ति नहीं है। इन सभी उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 4.56 करोड़ रुपये है जबकि सन 2009 के विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 2.81 करोड़ रुपये थी।