व्यापम घोटाले के आरोपी और मध्य प्रदेश के पूर्व उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा को रविवार को जमानत पर रिहा कर दिया गया। शर्मा करीब 18 महीनों से जेल की सजा काट रहे थे।
शर्मा को भोपाल केंद्रीय कारागाह से शनिवार को ही रिहा करना था लेकिन सामान्य प्रक्रियाओं में हुई देरी की वजह से उन्हें एक दिन और जेल में रहना पड़ा। जेल से छूटने के बाद शर्मा ने कहा, 'भगवान की कृपा है कि मैं 18 महीने तक एक सामान्य कैदी के रूप में जेल में रह पाया। जांच एजेंसी और न्यायालय पर विश्वास। संकट की घड़ी में प्रदेस के लोगों ने मेरा हौसला अफजाई किया है।'
मध्य प्रदेश सरकार में उच्च पद पर रहते हुए व्यावसायिक भर्ती परीक्षाओं में धांधली के आरोप में शर्मा को पिछले साल के जून महीने में जेल भेजा गया था। उनके खिलाफ सात मामलों के तहत केस दर्ज किया गया था जिसमें से छह मामलों में उन्हें पहले ही जमानत मिल चुकी थी। लेकिन अंतिम मालमे में जमानत लेने में उन्हें काफी वक्त लग गया।