अमरोहा में रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार की दोपहर चलती हुई काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस में चढ़ते वक्त ट्रेन से गिरकर वन विभाग के रेंजर की दर्दनाक मौत हो गई। रेंजर उड़नदस्ता टीम के प्रभारी थे और बरेली अपने घर जा रहे थे। वन विभाग के कर्मचारी भी मौके पर पहुंच गए। हादसे की सूचना परिजनों को दे दी है। जीआरपी ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
बरेली की न्यू दुर्गानगर कालोनी निवासी प्रेम प्रकाश सिंह (59) पुत्र लाल सिंह अमरोहा में रेंजर के पद पर तैनात थे। शुक्रवार की दोपहर करीब ढाई बजे वह घर जाने के लिए रेलवे स्टेशन पहुंचे। काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस स्टेशन से चल चुकी थी। उन्होंने दौड़कर गाड़ी पकड़ने की कोशिश की, लेकिन पांव फिसलने के कारण वह प्लेटफार्म पर ही गिर गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार प्लेटफार्म पर गिरने के बाद रेंजर लुढ़ककर पटरियों पर गिर गए और ट्रेन से कटकर उनकी दर्दनाक मौत हो गई। जीआरपी ने मौके पर पहुंचकर लोगों की मदद से शव को निकाला। तलाशी में जेब से निकले मोबाइल पर कॉल करने पर मृतक की शिनाख्त हुई। हादसे की सूचना परिजनों को दे दी गई है, जो बरेली से रवाना हो गए। जीआरपी ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
फरवरी 2015 में होना था रिटायरमेंट
रेंजर प्रेम प्रकाश सिंह का फरवरी 2015 में रिटायरमेंट होना था। पहले वह अमरोहा रेंज के वन क्षेत्राधिकारी पद पर थे। अभी हाल में उनके स्थान पर एके सिंह को भेजा गया था और प्रेम प्रकाश सिंह को उड़नदस्ते की कमान सौंपी गई थी।
पहले इनकार और बाद में बनाया मन
बकौल, सहकर्मी सुबह रेंजर का घर जाने का कोई प्लान नहीं था और वह शनिवार को घर जाने की बात कह रहे थे। लेकिन अचानक क्या हुआ, जो उन्होंने घर की दौड़ लगा दी, इसका जवाब कोई नहीं दे सका।
किसने क्या कहा-
काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस ट्रेन से कटकर वन विभाग के रेंजर की मौत हुई है। विभाग के कर्मचारियों ने शिनाख्त कर दी है। परिजनों को सूचना दे दी गई है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
- सुरेंद्र सिंह, चौकी इंचार्ज जीआरपी
मैं लखनऊ बैठक में हूं, रेंजर की हादसे में मौत की सूचना मिली है। दुखद घटना है। परिजनों की हर संभव मदद की जाएगी।
- जीएस खुशारिया, डीएफओ