जैनपुर मलवां (फतेहपुर) की जिला पंचायत सदस्य के पति सुरेश चंद्र पटेल शनिवार को फजलगंज के प्रेसीडेंट होटल में दूसरे की बीवी के साथ रंगरेलियां मनाते पकड़े गए।
महिला का पति, पत्नी का पीछा करते हुए होटल पहुंचा था। जब दोनों कमरे में घुस गए तो थाने पहुंचकर पुलिस बुला लाया। पुलिस ने कमरा खुलवाया तो दोनों रंगे हाथ पकड़े गए।
फजलगंज पुलिस ने सुरेश चंद्र का शांति भंग में चालान कर वाहन जब्त कर लिया। साथ ही महिला के पति से तहरीर लेकर दो धाराओं में एफआईआर भी दर्ज कर ली गई। देर शाम सुरेश को थाने से जमानत दे दी गई।
फतेहपुर जिले के सुरेश चंद्र पटेल की पत्नी सुधा सिंह जैनपुर मलवां की जिला पंचायत सदस्य हैं। सुरेश खुद भी सपा से जुड़े हैं और ठेकेदारी भी करते हैं। एक सांसद के करीबी भी हैं। दूसरे की बीवी को अपनी बताकर कमरा नंबर 306 बुक कराया था।
होटल का कमरा खुला तो रंगे हाथों पकड़े गए
थाने में मौजूद पुलिस से पूरी बात बताई। पहले तो उन्होंने ध्यान नहीं दिया। पर, जोर देने पर एक दरोगा और कांस्टेबल होटल पहुंचे। रजिस्टर में सुरेश पटेल और पत्नी वंदना सिंह के नाम कमरा नंबर 306 बुक था।
कमरा खुलवाया गया तो दोनों रंगे हाथ पकड़ गए। सभी को थाने लाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कुछ ही समय में किसी नेता का फोन आया और पुलिस ढीली पड़ने लगी।
पर, मामला हाईप्रोफाइल होने और मीडिया पहुंचने पर पुलिस किसी को बात करने नहीं दे रही थी। इसके बाद नजीराबाद सीओ अंकिता सिंह और एसीएम आए। रामू ने दी गई तहरीर में पत्नी को सुरेश पटेल की पूर्व प्रेमिका लिखा है।
वहीं, पुलिस के मुताबिक महिला ने बताया कि रामू मारते-पीटते है, वह अपनी मर्जी से सुरेश पटेल के साथ आई थी। अब मुझे पति के घर नहीं जाना है। वहीं सुरेश पटेल ने मीडिया के सामने अपना मुंह नहीं खोला।
क्या कहती है पुलिस
मामले पर आर के त्रिपाठी, थानाध्यक्ष फजलगंज ने कहा 'सुरेश चंद्र पटेल का शांति भंग की धारा 151 में चालान हुआ है। रामू की तहरीर पर आईपीसी की धारा 498(विवाहित स्त्री को आपराधिक आशय से फुसलाकर ले जाना या निरुद्ध करने) और 506(आपराधिक कार्य के लिए दंड)की धारा में एफआईआर दर्ज कर ली है। वाहन भी एमवीएक्ट की धारा 207 के तहत जब्त किया है।'
वहीं होटल मैनेजर, सुरेश पाठक का कहना है कि 'कमरा नंबर 306 सुरेश पटेल(28) ने बुक कराया था। पत्नी का नाम वंदना सिंह और पता फतेहपुर जिले का लिखा। आईडी में ड्राइविंग लाइसेंस देखने के बाद कमरे की चाभी दी थी। पर, कुछ ही देर बाद पुलिस आई और यह मामला हो गया।'