मुंबई के कल्याण स्थित अपने अपार्टमेंट की खिड़की से झांकते हुए एजाज बदरुद्दीन मजीद अपने बेटे को याद कर रहे हैं जो गायब है। वो कहां गया है वो नहीं जानते लेकिन उनको शक है कि वो जेहादी बन कर इराक चला गया है।
"उसने मेरे से मोटरसाइकिल मांगी थी तो मैंने कहा नहीं, अभी नहीं। उसने कुछ नहीं कहा लेकिन शायद वह इसीलिए चला गया।" पेशे से डॉक्टर मजीद ये कह कर चुप हो जाते हैं।
'जन्नत में होगी मुलाकात'
इसके बाद वह उस चिट्ठी के बारे में बताते हैं जो उनका बेटा छोड़ कर गया है। वह इंजीनियरिंग का छात्र था। उसने लिखा है,"लड़ाई शुरू हो गई है औऱ मौत का फरिश्ता पूछ रहा है कि तुम अल्लाह की धरती की ओर क्यों नहीं गए।"
अंत में उसने लिखा है कि,"अब जन्नत में मुलाकात होगी।"
माना जा रहा है कि मुंबई से चार लड़के इराक चले गए हैं। अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक मजीद की तरह तीन अन्य लड़के जो मुंबई से गायब हैं उनके परिवार को भी यही लगता है कि उनके बेटे इराक चले गए हैं।
गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखी
चारों के परिवार वालों ने कल्याण पुलिस में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवा दी है और जल्द तलाश करने की गुजारिश की है। जो चिट्ठी लड़के छोड़ कर गए हैं वह भी पुलिस को सौंप दी गई है।
अब इनके परिजन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मिलना चाहते हैं। ये लोग चाहते हैं कि उन लोगों को सजा मिले जिन्होंने इनके बच्चों को आतंक की राह पर भेज दिया है।
इंटरनेट के जरिए उकसाया जा रहा है
पिछले साल पाकिस्तानी अल कायदा के नेता असीम उमर ने भारतीय मुस्लिमों से अंतर्राष्ट्रीय जेहाद में शामिल होने को कहा था। खबरों के मुताबिक ISIS की नज़र भी भारतीय लड़ाकों पर है। इंटरनेट के माध्यम से लड़कों को इसके लिए उकसाया जा रहा है।
गौरतलब है कि पिछले दिनों ऐसी खबरें आई थीं कि पश्चिमी देशों और यूरोपियन देशों के मुस्लिम लड़के इराक पहुंच रहे हैं और ISIS में शामिल हो रहे हैं।