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सीमा पर तैनात 20 भारतीय जवान लापता

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देश की सीमा की रक्षा में लगे 20 सैनिक 1996 से 2010 के दौरान लापता हुए हैं। इसका खुलासा हुआ है सूचना के अधिकार (आरटीआई) से मिली जानकारी में।
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विदेश मंत्रालय से मिले आरटीआई के जवाब के मुताबिक जम्मू एवं कश्मीर सीमा से 18 जबकि गुजरात सीमा से दो सैनिक लापता हुए। आरटीआई में इन सैनिकों के लापता होने के कारण और मौजूदा स्थिति के बारे में कोई जवाब नहीं दिया गया है।

जबाब के मुताबिक 12 अगस्त 1996 को जम्मू एवं कश्मीर के पूंछ जिले की कृष्णा घाटी से गोरखा राइफल्स के हवलदार भूपेंद्र बहादुर थापा, नेत्र बहादुर थापा और लांस नायक राजू गुरंग लापता हुए। वहीं 16 अगस्त 1996 को जम्मू एवं कश्मीर की अखूनर सेक्टर से  11 इंजीनियर रेजीमेंट के कैप्टन अविनाश कुमार शर्मा का कोई पता नहीं है।
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27 अप्रैल 1997 को गुजरात के रण ऑफ कच्च से लापता गोरखा राइफल्स के कैप्टन संजीव भट्टाचार्जी और लांस नायक राम बहादुर थापा का सेना के पास कोई सुराग नहीं है।
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ये जवान हैं लापता

17 अक्तूबर 1998 को जम्मू एवं कश्मीर के ककसर सेक्टर से 286 मीडिय रेजीमेंट के जीएनआर विरेंद्र सिंह, 20 अगस्त 2000 को पूंछ सेक्टर से 8 जम्मू एवं कश्मीर लाइट इंफैंटरी के गोपाल दास लापता हैं।

15 जून 2003 से 5131 एएससी बीएन के लांस नायक जोस जेम्स लापता हैं। इसी आरटीआई में 6 इंजीनियर रेजीमेंट के कृष्ण कुमार उरी सेक्टर से 8 अगस्त 2003 से लापता बताए गए हैं।

आठ जुलाई 2005 को 539 एएससी बीएन के महेश और शैलेश कुमार शुक्ला जम्मू एवं कश्मीर से लापता बताए गए हैं। इनके अलावा 26 अप्रैल 2006 से जम्मू एवं कश्मीर से 234 एईआर यूनिट के नायक संदीप सिंह, 5 अगस्त 2006 से बटालिक से 17 महर रेजीमेंट के विक्रम सिंह और विष्णु राय लापता हैं।

वहीं साल 2010 की 6 अगस्त से 15 बिहार रेजीमेंट के हवलदार रणजीत कुमार और राकेश कुमार सियाचिन से लापता हैं वहीं इस दिन से लेह से लद्दाख स्काउट रेजीमेंट सेंटर के राइफलमेन सेवांग दोराजी और कर्मा नामगिल लापता है।
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