सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई निदेशक से कहा है कि 2जी घोटाले की तफ्तीश से जुड़े आईपीएस अफसर संतोष रस्तोगी को तुरंत जांच टीम में शामिल किया जाए।
सीबीआई निदेशक की ओर से उन्हें जांच टीम से अलग किए जाने पर सर्वोच्च अदालत ने मंगलवार को यह आदेश दिया। अदालत ने यह आदेश तब दिया जब उसे सूचित किया गया कि सीबीआई निदेशक रिलायंस के अभियुक्त अफसरों के खिलाफ चल रहे ट्रायल को रोकना चाहते हैं और उनके खिलाफ दोबारा जांच चाहते हैं।
जस्टिस एचएल दत्तू, जस्टिस पिनाकी चन्द्र घोष और जस्टिस शरद अरविंद बोबडे की बेंच के समक्ष याचिकाकर्ता एनजीओ के वकील प्रशांत भूषण ने आरोप लगाया कि सीबीआई निदेशक रिलायंस के उन अफसरों के खिलाफ ट्रायल रोकना चाहते हैं जिन पर पटियाला हाउस न्यायालय की विशेष अदालत में मुकदमा चल रहा है।
'मुकदमा गलत आधार पर शुरू किया'
सीबीआई निदेशक का तर्क है कि रिलायंस के अफसरों के खिलाफ मुकदमा गलत आधार पर शुरू किया गया है। उनकी भूमिका को 2जी स्पेक्ट्रम के लिए आवेदन की तारीख से नहीं बल्कि आवंटन की तिथि से जोड़कर देखना चाहिए था।
जनहित याचिका दायर करने वाले एनजीओ सीपीआईएल के वकील प्रशांत भूषण ने अदालत को बताया कि सीबीआई निदेशक के फरमान से तत्कालीन विशेष अभियोजक उदय उमेश ललित को अवगत करा दिया गया था।
ललित ने सीबीआई निदेशक के तर्क को ठुकराकर उन्हें तीन पृष्ठ का करारा जवाब दिया था। लेकिन इसके लिए आईपीएस संतोष रस्तोगी पर निशाना साधा गया और उन्हें 2जी स्पेक्ट्रम की जांच से हटाकर अपराध शाखा भेज दिया गया है।
भूषण ने यह भी कहा कि सीबीआई निदेशक ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अवहेलना की है। सुप्रीम कोर्ट ने 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जांच करने वाले टीम से छेड़छाड़ न करने की हिदायत दी थी।
मामले में आया नया मोड
बेंच ने सीबीआई के वकील केके वेणुगोपाल से कहा कि वह इस विवाद से संबंधित समस्त रिकॉर्ड सुनवाई की अगली तारीख दो सितंबर को अदालत में पेश करे।
रस्तोगी को उनके पुरानी जगह वापस भेजा जाए। गौरतलब है कि एडीएजी रिलायंस टेलीकॉम के प्रबंध निदेशक गौतम दोषी, दो वरिष्ठ उपाध्यक्ष हरी नायर और सुरेन्द्र पिपारा विशेष अदालत में ट्रायल का सामना कर रहे हैं।
सीबीआई ने अन्य लोगों के अलावा इन तीनों को 2जी घोटाले में अभियुक्त बनाया है। वकील केके वेणुगोपाल ने अदालत को बताया कि एयरसेल मैक्सिस सौदे की जांच का काम अंतिम चरण में है।
सीबीआई जल्द ही इस मामले में ट्रायल कोर्ट में आरोप पत्र दायर कर देगी।