चीन की घुसपैठ और सीमा पर अपनी ताकत बढ़ाने के मद्देनजर भारत ने भी अब कमर कसनी शुरू कर दी है।
भारत पूर्वोत्तर में चीन सीमा पर तैनाती के लिए 1500 जवानों की विशेष बटालियन तैयार करेगा।
ये जवान सीमा क्षेत्र की सुरक्षा तो करेंगे ही, साथ ही किसी अन्य देश की ओर से अपने सैनिकों को हेलीकॉप्टर या विमान से भारतीय क्षेत्र में उतार कर भारत की जमीन पर दावा करने की घटनाओं को भी रोकेंगे।
रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक 12वीं रक्षा योजना में सेना की एलीट पैराशूट रेजीमेंट के तहत दो नई बटालियन बनाने की तैयारी है। इनमें करीब 1500 जवान होंगे।
नई बटालियनों का इस्तेमाल आतंकवाद से निपटने जैसी पारंपरिक भूमिकाओं के लिए भी किया जाएगा। सूत्रों ने कहा कि यदि भविष्य में कोई जंग छिड़ती है तो ये जवान दुश्मन के इलाके में उतरने में भी सक्षम होंगे।
हाल ही में सेना ने 11 पैरा (एसएफ) बटालियन तैयार की थी। इसे तेजपुर स्थित चौथी कोर और दीमापुर स्थित तीसरी कोर के तहत तैनात किया जा रहा है।
पूर्वोत्तर में चीन से सटी सीमा पर सुरक्षा की जिम्मा तीसरी और चौथी कोर ही संभाल रही हैं। पैराशूट रेजीमेंट में 10 यूनिट हैं। इसमें से आठ स्पेशल फोर्स की यूनिट हैं, जबकि बाकी पैरा कमांडो यूनिट हैं।
ये कमांडो हवाई मार्ग से उतर कर अभियान चलाने में सक्षम हैं। पैराशूट रेजीमेंट की 10 में से सात यूनिटों को पहले ही देश के विभिन्न हिस्सों में तैनात किया जा चुका है।
मालूम हो कि चीन ने हाल ही में हवाई मार्ग से जाकर अभियान चलाने की अपनी क्षमता में काफी इजाफा किया है। कई रिपोर्टों में दावा किया गया है कि चीन एक बार में ही साढ़े तीन हजार से ज्यादा सैनिकों को हवाई मार्ग से ले जाकर कहीं तैनात कर सकता है।