आमिर खान ने कहा है कि जब मैं 'तलाश' फिल्म कर रहा था तभी मुझे अहसास हो गया था कि यह फिल्म सबको पसंद नहीं आएगी। कई दर्शक फिल्म के मेकिंग से खुश हैं पर उनको लगता है कि फिल्म में आत्मा की मौजूदगी को स्वीकार्य करना ठीक नहीं हैं। वह इस तरह के क्लाइमेक्स की उम्मीद नहीं कर रहे थे।
एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में आमिर खान ने कहा कि मुझे इस बात का दुख है कि कुछ दर्शकों को यह फिल्म रास नहीं आई। आमिर ने कहा कि चूंकि मैं लंबे समय बाद पर्दे पर आता हूं तो दर्शकों की अपेक्षाएं मुझसे बहुत बढ़ जाती हैं। वह अपेक्षाएं जब पूरी नहीं होती हैं तब उन्हें कुछ खटका लगता है। आमिर ने कहा कि मैं 'थ्री इडियट्स' के बाद किसी फिल्म की मुख्य भूमिका में दिख रहा हूं। 'थ्री इडियट्स' चूंकि हर तबके में पसंद की गई थी इसलिए इस फिल्म से वैसी ही उम्मीदें दर्शकों को थीं।
आमिर ने स्वीकार्य किया कि 'सत्यमेव जयते' की वजह से उनकी जो इमेज बन रही है वह कई बार उनके इंटरनेटर पर्सनॉल्टी पर भारी पड़ जाती है। आमिर ने कहा कि मैं एक अभिनेता हूं। मेरा पहला मकसद लोगों को इंटरनेट करना है। यदि फिल्म से कुछ सोशल मैसेज भी मिल जाता है तो और अच्छी बात। आमिर ने कहा कि तलाश फिल्म महिलाओं को ज्यादा रास आई है। हम कह सकते हैं कि तलाश में एक किस्म का भावानात्मक संदेश था।