आज से 37 बरस के हो गए अक्षय खन्ना ऐसे पारंपरिक फिल्मी हीरो की इमेज कभी नहीं बना पाए तो एक्शन, रोमांस के साथ कॉमेडी और ड्रामा भी कर ले। वह कॉमेडी की भूमिकाओं में तो जमे पर कॉमेडी के लिए भी उन्हें एक साथी कॉमेडियन की जरूरत रही है।
1997 में 'हिमालयपुत्र' फिल्म से अपना कॅरियर शुरू करने वाले अक्षय खन्ना को पहली बार 'बॉर्डर' फिल्म में नोटिस किया गया। सितारों की भीड़ के बीच में अक्षय खन्ना के काम को पसंद किया गया।
इसके बाद जिन फिल्मों में अक्षय खन्ना अकेले दिखे हैं वह फिल्में अच्छा कारोबार नहीं कर पायी हैं। 'दिल चाहता है' फिल्म से अक्षय ने फिल्में करनी की अपनी स्टाईल बदली। इसके बाद वह सोलो हीरो के रूप में न दिखकर बड़े बजट की मल्टीस्टारर फिल्मों में दिखने लगे।
2002 में रिलीज हुई उनकी दो फिल्में 'हमराज' और 'दीवानगी' में दर्शकों ने अक्षय खन्ना को एक अलग रोल में देखा। इन फिल्मों में वह ग्रेशेड में थे और उनका किरदार दर्शकों को कमाल का लगा।
'हमराज' में वह बॉबी देओल और 'दीवानगी' में वह अजय देवगन पर भारी पड़ रहे थे। इसके बाद अक्षय खन्ना ने अलग-अलग तरह की कॉमेडी फिल्में कीं। प्रियदर्शन की कई फिल्मों में अक्षय नजर आए। यह फिल्में हिट भी रहीं।
'रेस', 'आक्रोश', 'तीस मार खां', 'मेरे बाप पहले आप', 'नो प्रॉब्लम', 'गांधी माई फादर' जैसी अलग-अलग फिल्मों में अक्षय खन्ना के अभिनय की लंबी रेंज दिखती रही। 2012 में रिलीज हुई अक्षय खन्ना की अंतिम फिल्म 'गली गली चोर है' में वह एक बार फिर लंबे समय बाद सोलो हीरो के रूप में दिखे। यह फिल्म सफल रही।