झांसी में रक्सा कस्बे से करीब चार महीने पहले गायब हुए आठ वर्षीय लड़के रिषभ की हत्या कर दी गई है। तांत्रिक के कहने पर धन के लालच में लड़के की बलि चढ़ाई गई है। वारदात को अंजाम देने में लड़के की बुआ भी शामिल थी।
इस बात का खुलासा इस मामले के एक आरोपी ने रिमांड के दौरान पुलिस की पूछताछ में किया है। शव की तलाश में रक्सा पुलिस ने अठोंदना के डुगनू माता मंदिर के निकट बृहस्पतिवार को खुदाई कराई। हालांकि, शव बरामद नहीं किया जा सका है।
रक्सा थानाध्यक्ष रामबाबू यादव ने बताया कि 20 नवंबर 2014 को कसबा निवासी कप्तान सिंह का आठ वर्षीय पुत्र रिषभ स्कूल से पढ़ कर लौटते समय घर के नजदीक से ही गायब हो गया था। उसकी मां उसे घर के पास छोड़ कर किसी काम से चली गई थी।
आखिरी बार किसके साथ था वो?
जांच पड़ताल में ग्रामीणों से पता चला कि रिश्ते की बुआ रजनी राजपूत पुत्री वृंदावन निवासी अठोंदना थाना रक्सा के साथ रिषभ को देखा गया था। इस मामले की नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई तो रजनी को सीपरी बाजार थानांतर्गत आईटीआई स्थित मकान से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि रिषभ को गायब करने में मनी पुत्र सतीश निवासी आवास विकास कालोनी सीपरी बाजार और महेश खंगार निवासी मोहल्ला मेवाती कोतवाली भी शामिल थे।
पुलिस ने उक्त दोनों लोगों को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, लेकिन खास सुराग हाथ नहीं लगे।
जेल में बंद तांत्रिक ने दी थी सलाह
जांच में जुटी पुलिस ने जब मनी को रिमांड पर लेकर कड़ाई से पूछताछ की तो उसने बताया कि अठोंदना के डुगनु माता मंदिर पर रिषभ की बलि दे दी गई है। उसने बताया कि जेल में बंद महेश खंगार तांत्रिक है।
उसने रजनी व उसे लड़का की बलि देने पर धन की प्राप्ति का लालच दिया था। नजदीकी रिश्तेदारी होने की वजह से रजनी का कप्तान सिंह के घर आनाजाना था, इसलिए रिषभ सॉफ्ट टारगेट रहा।
थानाध्यक्ष ने बताया कि रिषभ के शव की तलाश के लिए डुगनू माता मंदिर के निकट कई स्थानों पर गुरुवार को खुदाई करवाई गई है, लेकिन अभी शव मिला नहीं है। शुक्रवार को भी खुदाई करवाई जाएगी।