पति ने जब मकान बेचा तो पत्नी ने बेटों को साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी। महिला ने अपने दो बेटों के साथ मिलकर रॉड व बेसबॉल बैट से इतना पीटा कि उसकी जान चली गई।
मामला दिल्ली के बिंदापुर इलाके का है। जिला अदालत ने महिला व उसके बेटे को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दूसरे नाबालिग बेटे पर जूवेनाइल जस्टिस बोर्ड में मुकदमा चल रहा है।
द्वारका जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश आशुतोष कुमार ने इलियास की हत्या के मामले में उसकी पत्नी शबाना व उसके बेटे इमरान को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
इस मामले में बिंदापुर थाना पुलिस ने चश्मदीद शहनाज की शिकायत पर शबाना, उसके बेटे इमरान व नाबालिग बेटे के खिलाफ हत्या का मुकदमा अप्रैल 2011 में दर्ज किया था।
इलियास का मानस कुंज उत्तम नगर में दो मंजिला मकान था जो कि उसकी मां अमीना के नाम पर था। इलियास की पहली पत्नी शबाना अपने तीन बच्चों के साथ मकान की पहली मंजिल पर रहती थी। इलियास अपनी दूसरी बीवी के साथ दूसरे मकान में किराए पर रहता था।
इलियास शबाना को मकान से निकालने व दूसरा मकान खरीदने के लिए पहला मकान बेचना चाहता था। मकान को खरीदने के लिए शहनाज ने अप्रैल 2011 में संपर्क किया था। मकान का सौदा नौ लाख रुपए में हुआ था। लेकिन सौदा होने से पहले ही शहनाज को आगाह कर दिया था कि शबाना मकान बेचने की बात पर झगड़ा कर सकती है। इसलिए वह पहले एक दो दिन मकान में रहकर देख ले।
शहनाज अपने पति के साथ मकान पर 24 अप्रैल की रात पहुंच गई थी। अगले दिन शबाना, इमरान व उसके नाबालिग भाई ने इलियास की हत्या कर दी।